Patti medical stores license inspection : तरनतारन जिले के सरहदी उप-मंडल पट्टी में मेडिकल स्टोरों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि शहर के मुख्य इलाकों में कई ऐसी दवा दुकानें चल रही हैं, जहां पंजीकृत फार्मासिस्ट खुद मौजूद नहीं रहते, बल्कि दूसरों के लाइसेंस किराये पर लेकर धड़ल्ले से दवाइयों की बिक्री की जा रही है। सिविल अस्पताल के ठीक सामने, बस स्टैंड के करीब, मुख्य बाजार और रिहायशी गलियों में खुले इन स्टोरों की जांच की मांग अब तेजी पकड़ने लगी है।
आम जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ का खतरा, पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी अनिवार्य
दवा कारोबार से जुड़े नियमों के मुताबिक किसी भी मेडिकल स्टोर पर पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी में ही दवाओं का रखरखाव और बिक्री की जानी चाहिए। बिना योग्य फार्मासिस्ट के गलत या गलत खुराक में दवा दिए जाने का सीधा खतरा आम मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन पर पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को न केवल कागजी लाइसेंसों की जांच करनी चाहिए, बल्कि औचक निरीक्षण कर यह भी देखना चाहिए कि क्या मौके पर वही फार्मासिस्ट मौजूद है जिसके नाम पर दुकान का लाइसेंस जारी हुआ है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने दिया सघन चेकिंग का भरोसा
दुकानों की जांच और उठ रहे सवालों को लेकर जब जिला ड्रग इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह से बात की गई, तो उन्होंने साफ किया कि विभाग इस मामले पर पूरी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि पट्टी शहर के मेडिकल स्टोरों का जल्द ही विशेष जांच अभियान चलाकर निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान यदि कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक नियमों के खिलाफ काम करता पाया गया या लाइसेंस संबंधी अनियमितता मिली, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सिविल सर्जन बोले- जांच में दोषी मिलने पर बख्शे नहीं जाएंगे संचालक
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन ने भी कड़ा संज्ञान लिया है। डॉ. धवन ने बताया कि शिकायत और पूरा घटनाक्रम उनके ध्यान में आ चुका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग की टीम से इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच करवाई जाएगी। निष्पक्ष जांच में जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे, उसी आधार पर नियमानुसार कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि दवा बिक्री में पारदर्शिता बनी रहे और आम जनता की सेहत से कोई खिलवाड़ न हो सके।

