Punjab Farmers Cases Withdrawal : पंजाब में किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे 15 अक्तूबर तक होंगे वापस
सांकेतिक तस्वीर
Punjab Farmers Cases Withdrawal : पंजाब के किसानों और राज्य सरकार के बीच जारी खींचतान के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। चंडीगढ़ के पंजाब भवन में गुरुवार देर शाम हुई उच्चस्तरीय बैठक में भगवंत मान सरकार ने किसानों पर दर्ज सभी केस 15 अक्तूबर तक वापस लेने का ऐलान किया है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह और किसान मजदूर मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई इस मैराथन वार्ता में किसानों की कई पुरानी मांगों पर सीधी सहमति बन गई।
इस बैठक में किसान आंदोलन, रेल रोको प्रदर्शनों और पराली जलाने को लेकर दर्ज हुए फौजदारी मुकदमों को रद्द करने की समयसीमा तय कर दी गई। सरकार के इस कदम से राज्य के हजारों किसानों को अदालती चक्करों और पुलिस कार्रवाइयों से बड़ी राहत मिलने जा रही है।
खुदकुशी करने वाले किसानों के परिवारों को 15 अक्तूबर तक मिलेगा मुआवजा
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने स्पष्ट किया कि जिन किसान परिवारों में किसी सदस्य ने आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या की है, उनके लंबित मुआवजे का निपटारा भी 15 अक्तूबर तक कर दिया जाएगा। इसके लिए राज्य वित्त विभाग को जरूरी फंड तुरंत जारी करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही पीड़ित परिवारों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया में आ रही प्रशासनिक अड़चनों को भी दूर किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस संबंध में किसी भी जिले से आ रही फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
फगवाड़ा शुगर मिल का 28 करोड़ रुपये का बकाया अगले हफ्ते होगा जारी
गन्ना उत्पादक किसानों के लिए राहत का ऐलान करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि फगवाड़ा शुगर मिल का बकाया 28 करोड़ रुपये अगले हफ्ते किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। वहीं राज्य की अन्य चीनी मिलों पर बकाया लगभग 3.65 करोड़ रुपये की राशि भी जल्द जारी कर दी जाएगी।
बैठक के दौरान किसानों के खातों में समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी तंत्र बनाने पर भी चर्चा हुई। इससे निजी और सरकारी मिल मालिकों द्वारा भुगतान में होने वाली देरी पर लगाम लगेगी।
सरवन सिंह पंढेर की अगुआई में सौंपा गया 23 सूत्रीय मांगपत्र
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री को 23 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, पूर्ण कर्ज माफी और पराली जलाने वाले किसानों के जमीन रिकॉर्ड में ‘रेड एंट्री’ न दर्ज करने की प्रमुख मांगें शामिल हैं।
कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि रेड एंट्री के मामले पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न होना पड़े। एमएसपी और कर्ज माफी जैसे केंद्रीय विषयों पर भी राज्य स्तर से उचित पैरवी करने का भरोसा दिया गया।
17 सितंबर के रेल रोको आंदोलन के बाद हरकत में आया प्रशासन
उल्लेखनीय है कि पंजाब के किसान संगठन सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए आंदोलन की राह पर थे। बीते 17 सितंबर को किसान मजदूर मोर्चा ने अमृतसर के देवीदासपुरा, संगरूर-सुनाम, गुरदासपुर, मोगा और फिरोजपुर में पटरियों पर बैठकर रेल यातायात ठप कर दिया था।
इस बड़े प्रदर्शन के बाद ही सरकार ने किसान नेताओं को चंडीगढ़ वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। अब समझौते के बाद राज्य में रेल और सड़क यातायात सुचारू रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
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