फरीदकोट: पंजाब के फरीदकोट केंद्रीय जेल में बीते कल यानी सोमवार 4 मई की रात एक कैदी द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान फाजिल्का जिले के गांव काठगढ़ निवासी बलविंदर सिंह के रूप में हुई है, जो तारा सिंह का पुत्र था और करीब 11 साल पुराने हत्या केस में सजा काट रहा था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पिछले 10 दिनों में जेल के भीतर आत्महत्या की यह तीसरी घटना दर्ज की गई है, जिससे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना कैसे हुई
जेल प्रशासन के अनुसार, बलविंदर सिंह ने अपनी बैरक के बाथरूम में लगे चैनल से फंदा लगाकर आत्महत्या की। घटना का पता चलते ही जेल स्टाफ ने उसे तुरंत नीचे उतारकर बेहोशी की हालत में सिविल अस्पताल फरीदकोट पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
फरीदकोट जेल में लगातार हो रही घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं। इससे पहले 25 अप्रैल को लुधियाना के हवालाती जुगनू बाबा ने आत्महत्या की थी। इसके बाद 3 मई को फिरोजपुर के कैदी स्वर्णजीत सिंह ने भी फंदा लगाकर जान दे दी थी, और अब तीसरी घटना सामने आई है।
जांच में जुटा प्रशासन
घटना के बाद जेल प्रशासन और थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैदी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
जेल अधीक्षक इकबाल सिंह ने बताया कि कैदियों और हवालातियों में मानसिक तनाव एक बड़ी समस्या है। लंबे समय तक परिवार से दूर रहना और व्यक्तिगत परेशानियां उन्हें इस तरह के कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकती हैं। अधीक्षक ने कहा कि कैदियों की काउंसलिंग पहले से की जा रही है, लेकिन अब इसे और प्रभावी बनाया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि कैदियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

