शिअद से निष्कासन के बाद रविंदर ब्रह्मपुरा ने थामा ‘आप’ का दामन, CM मान ने किया स्वागत
सुखबीर बादल ने निकाला, भगवंत मान ने अपनाया
Punjab Politics: पंजाब की राजनीति में पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा ने अपना राजनीतिक ठिकाना बदल लिया है। शिरोमणि अकाली दल से निष्कासित किए जाने के कुछ दिन बाद मंगलवार को उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। ब्रह्मपुरा के साथ उनके कुछ समर्थक भी आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। पार्टी की ओर से हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनका स्वागत किया और कहा कि उनके जुड़ने से माझा क्षेत्र में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।
रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा को शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 15 सितंबर को पार्टी से निष्कासित किया था। उनके खिलाफ खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र में कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद अब ब्रह्मपुरा ने आम आदमी पार्टी का रुख किया है। पंजाब की राजनीति में खडूर साहिब माझा क्षेत्र की अहम विधानसभा सीटों में शामिल है, इसलिए ब्रह्मपुरा का पाला बदलना स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी चर्चा में है।
दिवंगत रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा के बेटे हैं रविंदर
रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद दिवंगत रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा के बेटे हैं। रविंदर खुद खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और क्षेत्र की राजनीति में उनकी पहचान अकाली दल से जुड़े राजनीतिक परिवार के सदस्य के तौर पर रही है। अब आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका पर नजर रहेगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविंदर ब्रह्मपुरा और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत किया। मान ने कहा कि माझा का एक प्रमुख राजनीतिक परिवार पंजाब की प्रगति के उनके दृष्टिकोण के साथ जुड़ा है। मान ने कहा कि रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और उनके सहयोगियों का पार्टी में गर्मजोशी से स्वागत है। उनके मुताबिक, इस जुड़ाव से आम आदमी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिली है।
भगवंत मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों की नीतियों से परेशान लोग अब आम आदमी पार्टी का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं को पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा और सभी मिलकर समृद्ध ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए काम करेंगे। पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच नेताओं के आने-जाने और संगठन को मजबूत करने की गतिविधियां आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है।
