Punjab Weather: पंजाब और चंडीगढ़ में शुक्रवार को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार, 23 अक्टूबर को बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन अगले दिन से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 24 अक्टूबर से सक्रिय होने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 24 और 25 अक्टूबर को पंजाब के कुछ जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। इसके बाद 26 अक्टूबर को मौसम फिर शुष्क रहने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव का असर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग दिखाई दे सकता है। फिलहाल विभाग ने कुछ चुनिंदा जिलों में ही हल्की बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में सभी जिलों में एक साथ बारिश होने का अनुमान नहीं है।
24 और 25 अक्टूबर को बदलेगा मौसम, कुछ जिलों में बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा 24 अक्टूबर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण पंजाब के कुछ हिस्सों में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 24 और 25 अक्टूबर को बदलाव के बाद 26 अक्टूबर को फिर शुष्क मौसम रहने की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें रोजाना बाहर निकलना पड़ता है या खेती से जुड़े काम करने हैं।
बठिंडा में सबसे अधिक 36.6 डिग्री तापमान
पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद बठिंडा में सबसे अधिक तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में आई यह मामूली गिरावट राज्य में मौसम के धीरे-धीरे बदलने का संकेत देती है, हालांकि अधिकतम तापमान के आंकड़े बताते हैं कि दिन के समय गर्मी का असर अभी बना हुआ है। अगले दो दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छाने या हल्की बारिश होने पर कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव महसूस हो सकता है। हालांकि, बारिश कितनी जगह होगी और उसका असर कितना रहेगा, यह संबंधित जिलों की स्थानीय मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
पंजाब में बिजली की मांग घटकर 6,420 मेगावाट रही
पंजाब में मौसम ठंडा होने के साथ बिजली की मांग में कमी आने लगी है। शुक्रवार सुबह 6 बजे राज्य में बिजली की मांग 6,420 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान पंजाब ने केंद्रीय पूल और अन्य स्रोतों से 3,033 मेगावाट बिजली ली, जबकि तय शेड्यूल 3,158 मेगावाट था। यानी निर्धारित मात्रा के मुकाबले 125 मेगावाट कम बिजली ली गई। राज्य में बिजली उत्पादन 3,390 मेगावाट दर्ज किया गया, जबकि बिजली की फ्रीक्वेंसी 49.97 हर्ट्ज रही। बिजली की मांग और उपलब्धता के ये आंकड़े सुबह 6 बजे की स्थिति को दर्शाते हैं। मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ आने वाले दिनों में बिजली की खपत में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Also Read; पंजाब में मौसम बदलेगा, 24 अक्टूबर से बारिश की संभावना; सुबह-रात बढ़ने लगी ठंड

