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Rajasthan News: श्रीगंगानगर में गेहूं खरीद को लेकर किसानों का प्रदर्शन, ट्रैक्टर के सामने खड़े होकर IPS ने किसानों को रोका

VVinita Kohli
Rajasthan  News: श्रीगंगानगर में गेहूं खरीद को लेकर किसानों का प्रदर्शन, ट्रैक्टर के सामने खड़े होकर IPS ने किसानों को रोका
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श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने और खरीद अवधि आगे बढ़ाने की मांग को लेकर शनिवार को किसानों ने प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा और विभिन्न किसान संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सभी का ध्यान खींचा, जब ट्रेनी आईपीएस ज्ञानेंद्र भारती किसानों के ट्रैक्टर के सामने खड़े हो गए। इसके बाद किसानों का काफिला कुछ समय के लिए रुक गया और मौके पर नारेबाजी शुरू हो गई।

शनिवार सुबह करीब 11 बजे जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान श्रीगंगानगर शहर स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में एकत्र हुए। यहां आयोजित सभा में गेहूं खरीद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई और कलेक्ट्रेट मार्च का निर्णय लिया गया। प्रशासन को पहले से प्रदर्शन की जानकारी थी, इसलिए शहर के प्रमुख मार्गों और कलेक्ट्रेट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोकने की तैयारी की थी।

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बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े किसान

कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ते समय किसानों का काफिला महाराजा गंगा सिंह चौक पहुंचा, जहां पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की और कलेक्ट्रेट की ओर कूच जारी रखा। इसी दौरान ट्रेनी आईपीएस ज्ञानेंद्र भारती किसानों के ट्रैक्टर के सामने आकर खड़े हो गए। किसानों और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, लेकिन बाद में किसान नेताओं और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित हुआ।

लंबी बातचीत और समझाइश के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों का एक दल प्रशासन से बातचीत करने के लिए तैयार हुआ। दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की और किसानों की मांगों को उनके सामने रखा। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को गेहूं खरीद की मौजूदा स्थिति पर पुनर्विचार करना चाहिए और किसानों को राहत देने के लिए तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

पीछे के गेट से कलेक्ट्रेट में पहुंचे प्रदर्शनकारी

जहां एक ओर किसान संगठनों का प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से वार्ता कर रहा था, वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के कुछ कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के पीछे वाले गेट तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर वहां लगे ताले को तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया। कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

MSP पर खरीद और अवधि बढ़ाने की मांग

किसानों की प्रमुख मांग है कि MSP पर गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाया जाए और खरीद की समय सीमा को आगे बढ़ाया जाए। किसानों का कहना है कि इस वर्ष जिले में गेहूं का उत्पादन काफी अधिक हुआ है, लेकिन सरकारी खरीद अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची। किसानों के अनुसार MSP पर खरीद की अंतिम तिथि 1 जून निर्धारित थी, जबकि अभी भी बड़ी मात्रा में गेहूं किसानों के घरों और गोदामों में रखा हुआ है। उनका दावा है कि कम खरीद लक्ष्य के कारण कई किसान अपनी उपज सरकारी एजेंसियों को नहीं बेच पाए।

सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता संतवीर सिंह मोहनपुरा ने कहा कि जिले में इस बार गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ है, लेकिन सरकारी खरीद अपेक्षा से कम रही। उन्होंने दावा किया कि बाजार में गेहूं की कीमत MSP से कम मिल रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान नेताओं का कहना है कि जिले के बड़ी संख्या में किसान अभी भी अपनी उपज बेचने से वंचित हैं। उनका आरोप है कि यदि खरीद लक्ष्य और खरीद अवधि नहीं बढ़ाई गई तो किसानों को भारी वित्तीय नुकसान होगा।

अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि किसानों के पास अब आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। प्रदर्शन में किसानों के साथ कृषि मजदूर भी शामिल रहे। फिलहाल प्रशासन और किसान संगठनों के बीच बातचीत जारी है और सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

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