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Rajasthan News: कोटा में 4 महिलाओं की मौत मामले में अस्पताल पहुंचे चिकित्सा मंत्री, सीजेरियन डिलीवरी के बाद हुई थी मौत

VVinita Kohli
Rajasthan News: कोटा में 4 महिलाओं की मौत मामले में अस्पताल पहुंचे चिकित्सा मंत्री, सीजेरियन डिलीवरी के बाद हुई थी मौत
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कोटा: राजस्थान के कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद चार महिलाओं की मौत के मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बढ़ते विवाद और परिजनों के विरोध के बीच चिकित्सा मंत्री गुरुवार को कोटा पहुंचे और नए अस्पताल तथा जेके लोन अस्पताल का दौरा किया। घटना के नौ दिन बाद पहुंचे मंत्री ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद चिकित्सा मंत्री ने नेफ्रोलॉजी आईसीयू में भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों से मुलाकात की। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अभी भी दो महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि दो अन्य महिलाओं की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

सीजेरियन डिलीवरी के बाद बिगड़ी हालत 

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जानकारी के अनुसार पहली महिला की मौत 5 मई को हुई थी। सभी महिलाओं की सीजेरियन डिलीवरी के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। बाद में किडनी फेल होने की समस्या सामने आई और एक-एक करके चारों महिलाओं की मौत हो गई। मामले ने गंभीर रूप तब लिया जब कई अन्य प्रसूताओं में भी समान लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की। फिलहाल मरीजों का इलाज नेफ्रोलॉजी आईसीयू में जारी है।

डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों पर कार्रवाई

इस पूरे प्रकरण के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पहले दो डॉक्टरों सहित चार चिकित्सा कर्मियों पर कार्रवाई की थी। इसके बाद मंगलवार को चार अन्य चिकित्सा कर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया गया। कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। डॉक्टरों का कहना है कि बिना अंतिम जांच रिपोर्ट आए कार्रवाई करना उचित नहीं है। वहीं, परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण महिलाओं की जान गई।

अब तक मामले की अंतिम जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। अस्पताल से दवाओं और इस्तेमाल किए गए फ्लूइड के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि कुछ तरल पदार्थ या दवाएं संक्रमण या रिएक्शन की वजह हो सकती हैं। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल जांच कई एंगल से की जा रही है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

कोटा के सरकारी अस्पतालों में हुई इस घटना के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष भी मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। चिकित्सा मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को जांच में पूरी पारदर्शिता रखने और मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।

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