राजस्थान के डीग जिले के कामां इलाके में मंगलवार शाम LPG सिलेंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा हो गया। डीग रोड पर बस स्टैंड के सामने स्थित कोल्ड ड्रिंक गोदाम में हुए धमाके के बाद लगी आग में एक ही परिवार के सात लोग झुलस गए। हादसे में भाई-बहन लक्ष्य और अक्षरा की मौत हो गई, जबकि दो लोगों कीं हालत गंभीर बनी हुई है। आग इतनी तेजी से फैली कि गोदाम के ऊपर बने मकान तक पहुंच गई और वहां मौजूद परिवार के सदस्य उसकी चपेट में आ गए।
कामां के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रसोई गैस सिलेंडर से ईको गाड़ी की गैस किट में गैस भरी जा रही थी। कोल्ड ड्रिंक एजेंसी संचालक मनमोहन अपनी सप्लाई गाड़ियों में इसी तरह गैस भरता था। हादसे के समय वह गोदाम में मौजूद था और अचानक सिलेंडर में तेज धमाका हो गया।
मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल
धमाके के बाद आग तेजी से फैल गई और सीधे ऊपर बने मकान तक पहुंच गई। उस समय मनमोहन का चचेरा भाई भगवान सिंह भी घर पहुंचा हुआ था। दोनों परिवार के सदस्य मकान में मौजूद थे और देखते ही देखते पूरा घर आग की चपेट में आ गया। आसपास के लोगों ने धमाकों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर मदद शुरू की।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने FSL टीम को भी जांच के लिए बुलाया है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
सात लोग झुलसे, दो बच्चों की मौत
हादसे में मनमोहन, उनकी पत्नी सरिता, भगवान सिंह, उनकी पत्नी नीरज, बेटा लक्ष्य, बेटी साक्षी और अक्षरा झुलस गए। सभी घायलों को भरतपुर के RBM अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान अक्षरा की मौत हो गई। बाद में छह घायलों को जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में लक्ष्य ने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के अनुसार दो लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
RBM अस्पताल में शव परीक्षण करने वाले डॉ. राघवेंद्र ने बताया कि अक्षरा करीब 50 प्रतिशत तक झुलस गई थी। उसके हाथ, पैर और चेहरा बुरी तरह आग से प्रभावित हुए थे। जयपुर के SMS अस्पताल में अन्य घायलों का इलाज जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
