राजस्थान। राजस्थान में नौतपा की आहट से पहले ही गर्मी ने अपने तीखे तेवरों से आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सीमावर्ती जिलों से लेकर हाड़ौती और शेखावाटी तक आसमान से आग बरस रही है।
मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए 23 मई से 27 मई तक सूबे में भीषण लू (हीटवेव) का दौर जारी रहने की गंभीर चेतावनी दी है। पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर और फलोदी में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि वहां ‘अति उष्ण लहर’ को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी करना पड़ा है। थार के रेगिस्तान में दोपहर होते ही चलने वाले गर्म थपेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है।
पश्चिमी राजस्थान में ऑरेंज तो पूर्वी हिस्सों में येलो अलर्ट, प्रशासन मुस्तैद
मौसम केंद्र के अनुसार, जैसलमेर में अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जबकि बाड़मेर में 45.1 और फलोदी में 45.0 डिग्री पारा दर्ज किया गया। इस भीषण तपिश को देखते हुए जोधपुर, बाड़मेर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा दिखने लगा है। गर्मी का यह सितम सिर्फ पश्चिम तक सीमित नहीं है; पूर्वी राजस्थान के डीग, धौलपुर, कोटा, झालावाड़ और करौली जिलों में भी लू का येलो अलर्ट है। हालांकि, राजधानी जयपुर, अजमेर और उदयपुर जैसे शहरों को लू से थोड़ी राहत है, लेकिन जयपुर में भी पारा 42.6 डिग्री के साथ पसीने छुड़ा रहा है।
आंधी-बारिश की लुकाछिपी के बीच 3 डिग्री और चढ़ेगा पारा
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना बनी हुई है।
लेकिन, प्रकृति की यह राहत बेहद मामूली और क्षणिक होगी। 24 मई से लेकर 29 मई तक पूरे प्रदेश में मौसम एक बार फिर पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। इस दौरान शुष्क हवाओं के कारण वायुमंडल में तपिश और बढ़ेगी, जिससे मौजूदा तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस का और उछाल आ सकता है। राहत की अगली उम्मीद अब 28 मई के बाद आने वाले एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ पर टिकी है।

