राजस्थान। राजस्थान में मई के महीने ने अपना असली और रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रेगिस्तानी इलाकों से आ रही शुष्क हवाओं ने सूबे के अधिकांश शहरों को भट्टी की तरह तपा दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर की मानें तो राज्य में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं। बीते शुक्रवार को फलौदी 43.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। इसके ठीक पीछे श्रीगंगानगर में पारा 42.9°C, बाड़मेर में 42.8°C और हाड़ौती के केंद्र कोटा में 42.7°C दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में भी लोग 41.4°C की तपिश से बेहाल नजर आए।
सूखेपन ने बढ़ाई मुश्किल, 45 डिग्री तक जा सकता है पारा
इस बार गर्मी की सबसे बड़ी मार हवा में मौजूद सूखापन है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा में नमी का ग्राफ गिरकर महज 13 से 43 प्रतिशत के बीच सिमट गया है। यही वजह है कि सुबह 11 बजे के बाद से ही सड़कों पर लू के थपेड़े चलने लगते हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की और वृद्धि होगी। पश्चिमी राजस्थान के सरहदी जिलों में आने वाले दिनों में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के डरावने आंकड़े को छू सकता है, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने दोपहर के वक्त अकारण बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, लेकिन गर्मी से नहीं मिलेगी निजात
मौसम के बदले मिजाज को लेकर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जम्मू और उससे सटे पाकिस्तान के हिस्से पर एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) इस समय बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्से के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है। हालांकि, इन दोनों प्रणालियों का असर राजस्थान पर बेहद सीमित रहेगा। इससे तपिश में कोई कमी नहीं आएगी, बल्कि 18 से 22 मई के बीच चलने वाली 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की सतही हवाएं धूल के गुबार उड़ाकर जनजीवन को और अस्त-व्यस्त करेंगी।
जयपुर-अलवर समेत इन जिलों में ‘येलो अलर्ट’
भले ही पूरा प्रदेश तवे की तरह तप रहा हो, लेकिन स्थानीय स्तर पर बने मौसम के सिस्टम के कारण कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी और बौछारों की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने तात्कालिक चेतावनी जारी करते हुए जयपुर, अलवर, नागौर, भरतपुर, कोटपूतली-बहरोड़ और डीग जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इन इलाकों में शाम के वक्त अचानक तेज हवाओं के साथ आसमान में बिजली कड़कने और हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि खराब मौसम के दौरान लोग पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।

