Weather Update: राजस्थान में आज यानी शनिवार (4 अप्रैल) को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है, जहां वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से राज्य के 25 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार शुक्रवार को भी 10 से अधिक जिलों में तेज बरसात दर्ज की गई। बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में ओलावृष्टि हुई, जबकि राजधानी जयपुर में शाम के समय आए अंधड़ ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। इस दौरान अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण दिन के तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंडक बढ़ गई है।
29 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का असर
मौसम विभाग ने राज्य के 25 से अधिक जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है, जबकि कई इलाकों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में मौसम का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में पहले ही ओलावृष्टि हो चुकी है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जयपुर में अंधड़ से दो लोगों की मौत
राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर रात 11 बजे तक जारी रहा। तेज हवाओं के कारण शहर के कई हिस्सों में नुकसान हुआ। जवाहर नगर इलाके में बाइक सवार एक व्यक्ति पर बिजली का पोल गिरने से उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान रामजीलाल महावर (50) के रूप में हुई है, जो मुकेश नगर के निवासी थे। वहीं, जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में तेज हवा के कारण ग्रेनाइट पत्थर गिरने से एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज
राज्य में मौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ देखा गया है। दिन के तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे गर्मी से राहत मिली है। हालांकि अचानक आई ठंडक और तेज हवाओं ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन मौसम अस्थिर बना रह सकता है।
7 अप्रैल को फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मौजूदा सिस्टम के कारण 4 अप्रैल को कई इलाकों में तेज आंधी और बारिश जारी रह सकती है। 5 और 6 अप्रैल को मौसम की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है। हालांकि 7 अप्रैल को एक नया मजबूत सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे फिर से आंधी और बारिश की संभावना बढ़ जाएगी। इससे मौसम का असर और ज्यादा देखने को मिल सकता है।
फसलों को भारी नुकसान
लगातार सक्रिय हो रहे मौसम सिस्टम का असर कृषि पर भी पड़ा है। मार्च के बाद आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ जाते हैं, लेकिन इस बार 13 मार्च से लगातार सिस्टम सक्रिय हैं। इससे मौसम का पैटर्न बदल गया है। राजस्थान के कई जिलों में सरसों, गेहूं और चने की फसल को नुकसान हुआ है। मंडियों में खुले में रखी फसलें भी बारिश के कारण भीग गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

