Smartphone Exchange Offer: आजकल नया स्मार्टफोन खरीदते समय हर दूसरा शख्स एक्सचेंज ऑफर का फायदा उठाता है। Amazon, Flipkart हो या ब्रांड्स की अपनी आधिकारिक ई-कॉमर्स वेबसाइट्स, पुराने हैंडसेट के बदले नए फोन पर हजारों रुपये की छूट देकर ग्राहकों को लुभाया जाता है। इससे नया प्रीमियम स्मार्टफोन भी जेब पर भारी नहीं पड़ता। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब डिलीवरी बॉय आपके हाथों से पुराना फोन लेकर जाता है, तो उस फोन का सफर कहां खत्म होता है? कंपनियां आपके उस पुराने गैजेट का आखिर करती क्या हैं?
डिलीवरी के बाद सबसे पहले होती है ‘कंडीशन चेकिंग’
जब आप एक्सचेंज में अपना पुराना हैंडसेट सौंपते हैं, तो सबसे पहले वह एक कड़े क्वालिटी चेक (QC) से गुजरता है। इसमें फोन की स्क्रीन का रिस्पॉन्स, बॉडी पर मौजूद स्क्रैच या डेंट, कैमरे का लेंस, बैटरी हेल्थ, स्पीकर और चार्जिंग पोर्ट की जांच की जाती है। अगर फोन का मॉडल नया है और उसकी बॉडी स्क्रैचलेस है, तो उसकी एक्सचेंज वैल्यू काफी ज्यादा मिलती है। इसके विपरीत, अगर स्क्रीन क्रैक है या कोई बड़ा हार्डवेयर फॉल्ट है, तो कंपनी उसकी रीसेल वैल्यू काफी घटा देती है।
अच्छे फोन्स की होती है ‘री-एंट्री’: जानिए रिफर्बिशिंग का गणित
एक्सचेंज में मिले सभी फोन्स कबाड़ नहीं होते। जो फोन अच्छी वर्किंग कंडीशन में होते हैं, उन्हें ई-कॉमर्स कंपनियों के अधिकृत वेंडर्स द्वारा ‘रिफर्बिश’ किया जाता है। आसान भाषा में समझें तो फोन के खराब पार्ट्स (जैसे पुरानी बैटरी या बैक पैनल) को बदलकर उसकी पूरी तरह जांच की जाती है। इसके बाद इन स्मार्टफोन्स को ‘Refurbished’ या सेकेंड-हैंड कैटेगरी में 30 से 50 फीसदी तक कम कीमत पर दोबारा ग्राहकों को बेच दिया जाता है। इस प्रोसेस से कंपनियों को दोहरा मुनाफा होता है।
पूरी तरह डेड फोन्स के साथ क्या करती हैं कंपनियां?
जो स्मार्टफोन बहुत पुराने हो चुके हैं या जिन्हें दोबारा ठीक करना घाटे का सौदा होता है, उन्हें सीधे रिसाइक्लिंग प्लांट में भेज दिया जाता है। वहां फोन को पूरी तरह से डिस्मंतल (अलग-अलग) किया जाता है। इसके अंदर मौजूद सोने, तांबे, एल्युमिनियम और काम करने लायक सेमीकंडक्टर चिप्स को निकाल लिया जाता है। इन पार्ट्स का इस्तेमाल नए इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने में होता है। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ई-वेस्ट (E-Waste) में भारी कमी आती है।
पुराना फोन सौंपने से पहले ‘डेटा लीक’ से कैसे बचें?
अगर आप भी अपना पुराना फोन एक्सचेंज करने का मन बना रहे हैं, तो सिर्फ पैसे बचाने के चक्कर में डेटा की सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। फोन हैंडओवर करने से पहले ये 4 काम जरूर करें:
बैकअप लें: अपनी फोटोज, वीडियोज, वॉट्सऐप चैट और बैंकिंग डेटा का नया फोन या क्लाउड पर बैकअप बना लें।
अकाउंट्स रिमूव करें: अपने फोन से Google, iCloud, सोशल मीडिया और यूपीआई ऐप्स को लॉगआउट/रिमूव करें।
फैक्ट्री डेटा रिसेट: फोन की सेटिंग्स में जाकर ‘Erase All Data’ यानी फैक्ट्री रिसेट करें, ताकि पुरानी कोई भी फाइल रिकवर न हो सके।
सिम और एसडी कार्ड: कांसापुर या किसी भी डिलीवरी एग्जीक्यूटिव को फोन देने से पहले सिम कार्ड और मेमोरी कार्ड निकालना कभी न भूलें।
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