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Sonipat Crime News: सोनीपत पुलिस की स्ट्राइक: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 5 शार्प-शूटर गिरफ्तार, व्यापारियों पर फायरिंग की थी तैयारी

AAmandeep Singh
सोनीपत पुलिस की स्ट्राइक: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 5 शार्प-शूटर गिरफ्तार, व्यापारियों पर फायरिंग की थी तैयारी
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सोनीपत। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में व्यापारियों के लिए सिरदर्द बने विदेशी गैंगस्टरों के नेटवर्क पर सोनीपत पुलिस ने करारी चोट की है। सेक्टर-7 क्राइम ब्रांच और एंटी-गैंगस्टर यूनिट ने संयुक्त ऑपरेशन में पांच ऐसे शार्प-शूटरों को गिरफ्तार किया है, जो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहे थे। ये पांचों आरोपी केवल शूटर ही नहीं, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा देने में भी माहिर थे। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी सड़कों पर राहगीरों से मोबाइल छीनते थे और फिर उन्हीं मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सएप एक्टिवेट कर व्यापारियों को धमकी भरी कॉल करते थे।

रेकी पूरी, बस ट्रिगर दबाने का था इंतजार

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एसीपी अजीत सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये पांचों युवक विदेशों में बैठे अपने आकाओं के सीधे संपर्क में थे। पूछताछ में पता चला है कि इनके निशाने पर हरियाणा के कई नामी व्यापारी और शोरूम मालिक थे, जिनसे पहले ही करोड़ों की फिरौती मांगी जा चुकी थी। पैसे न मिलने की सूरत में इन शार्प-शूटरों को व्यापारियों के आवासों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का जिम्मा सौंपा गया था। गनीमत रही कि वारदात से पहले ही क्राइम ब्रांच को इनपुट मिल गया और घेराबंदी कर इन्हें अवैध पिस्तौल के साथ दबोच लिया गया।

मोबाइल छीनकर ‘ओटीपी’ का खेल: पुलिस को ऐसे देते थे झांसा

आरोपियों ने पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। वे अपना खुद का मोबाइल या सिम इस्तेमाल करने के बजाय छीने हुए फोन का इस्तेमाल करते थे। फोन छीनने के बाद वे तुरंत उसका व्हाट्सएप डेटा रीसेट कर नया अकाउंट बनाते थे। इससे होता यह था कि जब व्यापारी को धमकी मिलती और पुलिस नंबर ट्रेस करती, तो लोकेशन किसी मासूम राहगीर की आती जिसका फोन छीना गया होता था। इस ‘डिजिटल फ्रॉड’ के जरिए ये विदेशी गैंगस्टरों के लिए सुरक्षित कम्युनिकेशन चैनल तैयार कर रहे थे।

लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े हैं तार

पकड़े गए आरोपियों का संबंध कुख्यात ‘मलिक’ गैंग से बताया जा रहा है, जो परोक्ष रूप से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ जैसे सिंडिकेट के लिए काम करता है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इन शूटरों को हथियार कहाँ से सप्लाई हुए और इनके स्थानीय मददगार कौन हैं। एसीपी ने बताया कि इन पांचों से गहन पूछताछ जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इनके आकाओं के अन्य स्लीपर सेल्स का भी पर्दाफाश होगा। फिलहाल सोनीपत और आसपास के इलाकों में पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है और व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।

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