सोनीपत। दिल्ली से सटे एनसीआर के अहम जिले सोनीपत में कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और गैंगस्टर्स व अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल के कड़े निर्देशों और सोनीपत की पुलिस आयुक्त (CP) ममता सिंह (IPS, ADGP) की सीधी निगरानी में जिला पुलिस ने अवैध असलाह तस्करों के खिलाफ चौतरफा शिकंजा कस दिया है। जून महीने के शुरुआती पखवाड़े (1 जून से 15 जून) में चलाए गए इस कड़क अभियान के तहत पुलिस ने जिले के अलग-अलग हिस्सों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और तस्करी करने वाले 58 मुल्जिमों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
15 दिनों में 47 मुकदमे दर्ज, हथियारों का जखीरा बरामद
मामले का ब्योरा देते हुए सोनीपत के डीसीपी (क्राइम) नरेंद्र कादयान ने बताया कि अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) और स्थानीय थानों की टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 47 आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। इन 15 दिनों के भीतर हुई ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों के बाद जब आरोपियों के ठिकानों और कब्जे की तलाशी ली गई, तो पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने इनके पास से 46 देसी पिस्तौल, 1 अत्याधुनिक रिवॉल्वर, 2 मैगजीन और 102 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इतनी बड़ी तादाद में हथियारों का मिलना इस बात का साफ संकेत है कि पुलिस ने किसी बड़ी वारदात की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। फिलहाल पुलिस की टीमें इन सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ कर रही हैं, ताकि हथियारों की सप्लाई लाइन यानी इनके मुख्य सप्लायरों तक पहुंचा जा सके।
शिकंजे में आए 14 ‘हिस्ट्रीशीटर’, पुराना है जुर्म का नाता
पुलिसिया तफ्तीश में जो सबसे चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है, वो यह कि गिरफ्तार किए गए 58 आरोपियों में से 14 आरोपी कोई नए लड़के या नौसिखिए नहीं, बल्कि इलाके के नामी और आदतन अपराधी (हिस्ट्रीशीटर) हैं। इन सभी का पुराना आपराधिक ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। इनके खिलाफ सोनीपत समेत प्रदेश के अन्य जिलों में हत्या, कातिलाना हमला (307), डकैती, लूट, झपटमारी और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन मामलों में पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इन सक्रिय अपराधियों के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।
अपराधियों के लिए सोनीपत में कोई जगह नहीं: पुलिस कमिश्नर
अवैध हथियारों के खिलाफ इस बड़ी सफलता पर सोनीपत की पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने सख्त लहजे में अपराधियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सोनीपत पुलिस अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। कानून हाथ में लेने वाले या अवैध असलाह रखने और बेचने वालों के लिए सोनीपत की धरती पर कोई जगह नहीं है। कमिश्नर ने साफ किया कि अपराधियों के सफाए के लिए पुलिस की यह सर्जिकल स्ट्राइक आगे भी इसी तरह बिना रुके जारी रहेगी।
जनता और अभिभावकों से सीपी ममता सिंह की खास अपील
एक सुरक्षित समाज की वकालत करते हुए पुलिस आयुक्त ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी नागरिक को अपने आसपास अवैध हथियारों की तस्करी, खरीद-फरोख्त या इनके अवैध निर्माण से जुड़ी कोई भी भनक लगती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने समाज के अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपने युवाओं और बच्चों की संगति पर नजर रखें, ताकि वे भटकाव का शिकार होकर जुर्म के इस दलदल में न धंसें और एक सकारात्मक भविष्य चुन सकें। “सुरक्षित सोनीपत, अपराध मुक्त सोनीपत” के नारे के साथ जिला पुलिस इस समय पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।

