Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए वकीलों की रिहाई के मामले में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने हस्तक्षेप किया है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की ओर से मामला तत्काल उनके संज्ञान में लाए जाने के बाद CJI ने संबंधित अधिकारियों से हिरासत में लिए गए अधिवक्ताओं को रिहा करने के लिए कहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसके बाद वकीलों की जल्द रिहाई की उम्मीद जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे कई अधिवक्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। इनमें महिला वकील भी शामिल हैं। हिरासत में लिए गए अधिवक्ताओं को यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ले जाए जाने की बात सामने आई थी। इस घटनाक्रम के बाद वकीलों के संगठनों ने उनकी सुरक्षा, लोकेशन और कानूनी सहायता को लेकर चिंता जताई। SCBA ने इस मामले में प्रस्ताव पारित कर प्रदर्शनकारी वकीलों के खिलाफ पुलिस की कथित कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया और अधिवक्ताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद संगठन ने CJI सूर्यकांत को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। जंतर-मंतर जा रहे केजरीवाल-ममता को पुलिस ने पकड़ा; 1,000 से ज्यादा लोग हिरासत में, आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेडिंग पर बवाल
SCBA ने सुरक्षा और कानूनी सहायता की मांग की
SCBA ने CJI से आग्रह किया था कि हिरासत में लिए गए सभी अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनके ठिकाने की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। एसोसिएशन ने उन्हें कानूनी सहायता देने और जिन लोगों को हिरासत में रखने का वैध आधार नहीं है, उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग भी रखी थी। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता देवरत ने भी CJI के समक्ष उठाया। उन्होंने पुष्टि की कि CJI सूर्यकांत ने संबंधित अधिकारियों से वकीलों की रिहाई के लिए कहा है। भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी मामले में हस्तक्षेप किया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए अधिवक्ताओं को जल्द छोड़े जाने की उम्मीद है। हालांकि, सभी वकीलों की वास्तविक रिहाई की पुष्टि होने के बाद ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी। यह पूरा घटनाक्रम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में निकाले जा रहे मार्च के दौरान सामने आया। प्रदर्शनकारी वकील चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विरोध जता रहे थे। हिरासत की कार्रवाई के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और अन्य अधिवक्ता संगठनों तक पहुंचा, जिसके बाद CJI से हस्तक्षेप की अपील की गई। Click Here : पंजाब, मोहाली, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों की ताज़ा खबरों और अपडेट्स से जुड़े रहने के लिए आप हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन कर सकते हैं। ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें

