Tarn Taran Hand Grenade Recovered : पंजाब में राष्ट्रविरोधी तत्वों और नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तरनतारन पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीआईए स्टाफ की टीम जब भारत-पाक सीमा से सटे गांव माड़ी मेघा के पास नाकेबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी, तभी खालड़ा बॉर्डर की तरफ से बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध आते दिखे। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए बाइक सवारों को रोका और जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास से 4 खतरनाक हैंड ग्रेनेड बरामद हुए।
पाकिस्तान में बैठे आकाओं से जुड़े थे तार
पकड़े गए आरोपियों की पहचान धुन्न (थाना खालड़ा) निवासी प्रिंसपाल सिंह पुत्र कंवलजीत सिंह और उसके एक नाबालिग साथी के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि इन विस्फोटकों की खेप पाकिस्तान में बैठे तस्करों के जरिए भारतीय सीमा में पहुंचाई गई थी। इस खेप को पंजाब में आगे किसी अन्य नेटवर्क को सप्लाई किया जाना था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से तस्करों के मंसूबे नाकाम हो गए।
उच्च अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई
यह पूरा ऑपरेशन पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के दिशा-निर्देशों, फिरोजपुर रेंज के डीआईजी स्नेहदीप शर्मा की अगुवाई और एसएसपी तरनतारन सुरेंद्र लांबा की सीधी निगरानी में अंजाम दिया गया। एसपी (डी) रिपुतापन सिंह और डीएसपी (डी) शिवदर्शन सिंह की देखरेख में सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर रुपिंदरपाल सिंह की टीम ने इस गिरोह को दबोचने में सफलता पाई है।
थाना खालड़ा में मामला दर्ज, 3 दिन के रिमांड पर आरोपी
पुलिस ने इस संबंध में थाना खालड़ा में मामला नंबर 275 (दिनांक 06.10.2026) के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उनका 3 दिन का रिमांड हासिल किया है।
आगे-पीछे के पूरे नेटवर्क की तलाश तेज
पुलिस अधिकारी अब रिमांड के दौरान आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं। जांच एजेंसियों का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि पंजाब में इन विस्फोटकों की डिलीवरी किसे दी जानी थी और इनके जरिए किस स्थान को निशाना बनाने की साजिश थी। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य चेहरों का खुलासा हो सकता है।
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