Tarn Taran News : पंजाब में धान की कटाई के सीजन के दौरान पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर राहुल और मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. तेजबीर सिंह भंगू के निर्देशों पर पट्टी उपमंडल के हॉट स्पॉट गांव शहीद में ब्लॉक स्तरीय किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आसपास के इलाकों से आए बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया और रबी फसलों की आधुनिक खेती के तरीके सीखे।
‘खेत में पराली का प्रबंधन करने से सुधरेगी मिट्टी की सेहत’
शिविर को संबोधित करते हुए ब्लॉक कृषि अधिकारी पट्टी डॉ. भूपिंदर सिंह ने किसानों को पराली न जलाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों को खेत में ही मिलाने से मिट्टी की नमी बनी रहती है और जमीन में मित्र कीड़ों की सक्रियता बढ़ती है। पराली का धुआं इंसानों, मवेशियों और पूरे पर्यावरण के लिए हानिकारक है, इसलिए किसान आधुनिक मशीनों से ही इसका निपटारा करें।
गेहूं और सरसों की बुवाई के लिए उचित समय तय
फार्म सलाहकार सेवा केंद्र की प्रमुख डॉ. परमिंदर कौर ने किसानों को बीज उपचार के तरीके समझाए। उन्होंने कहा कि समय पर बीज का उपचार करने से फसल को शुरुआती बीमारियों और कीटों के प्रकोप से बचाया जा सकता है। इसके साथ ही विशेषज्ञों ने गेहूं की बीजाई के लिए नवंबर का पहला पखवाड़ा और गोभी सरसों के लिए 30 अक्टूबर तक का समय सबसे उपयुक्त बताया।
मिट्टी परीक्षण और सब्सिडी योजनाओं का ब्योरा
एडीओ मिट्टी परीक्षण डॉ. हरमदीप कौर ने किसानों को खेत से मिट्टी का नमूना लेने की सही विधि से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मिट्टी की जांच कराकर खाद का इस्तेमाल करने से खेती की लागत कम होती है। इसके अलावा विभाग की ओर से जिप्सम पर दी जा रही सब्सिडी और किसान आईडी बनाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में एईओ हरकीरत सिंह ने जानकारी साझा की।
सब्जी किटों का वितरण और ग्राम प्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों को रसोई बगीचे के लिए सब्जी के बीजों की किटें और कृषि साहित्य प्रदान किया गया। इस मौके पर सरपंच मनदीप सिंह, सरबिंदर सिंह, दविंदर सिंह, किसान नेता बलदेव सिंह और कृषि उपनिरीक्षक बाजा सिंह समेत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

