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सद्भाव की इफ़्तार: फरीदकोट में 22 वर्षों से कायम है इबादत और अपनत्व की अनूठी रस्म

VVinita Kohli
सद्भाव की इफ़्तार: फरीदकोट में 22 वर्षों से कायम है इबादत और अपनत्व की अनूठी रस्म
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फरीदकोट: फरीदकोट की ऐतिहासिक और पवित्र धरती एक बार फिर आपसी मेलजोल और भाईचारे की गवाह बनी। बीते कल यानी शुक्रवार को शहर के समस्त धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने मिलकर महात्मा गांधी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में भव्य इफ़्तार पार्टी का आयोजन किया। पिछले 22 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम अब केवल एक रस्म नहीं, बल्कि शहर की अटूट एकता की जीती-जागती मिसाल बन चुका है।

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एडीजीपी फारूकी बोले- ‘इबादत के साथ भावनाओं का सम्मान भी जरूरी’

इस खास मौके पर पंजाब आर्म्ड पुलिस (जालंधर) के एडीजीपी श्री एम.एफ. फारूकी (आईपीएस) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने न केवल रोजेदारों के साथ इफ़्तार किया, बल्कि विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से मिलकर सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने का आह्वान किया।

“रमजान का पवित्र महीना हमें एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और प्यार बांटने की सीख देता है। रोज़ा हर धर्म का हिस्सा है, जिसे कोई व्रत कहता है तो कोई रोज़ा। फरीदकोट के लोगों ने धर्म के असली संदेश-प्यार और सहनशीलता-को आत्मसात कर लिया है। जिस तरह यहाँ गैर-मुस्लिम भाई अपने मुस्लिम भाइयों के लिए इफ़्तार सजाते हैं, वह पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है”—-एम.एफ. फारूकी, एडीजीपी।

रोज़ा: सिर्फ भूख नहीं, रूह की पाकीजगी का नाम

मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान दिलावर हुसैन ने रोज़े की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि यह सिर्फ सुबह से शाम तक भूखा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन को पवित्र रखने और गरीबों के प्रति दया भाव रखने का जरिया है। जब अलग-अलग धर्मों के लोग एक साथ बैठकर रोज़ा खोलते हैं, तो समाज में समानता और एकता का गहरा संदेश जाता है।

दो दशकों से ‘खुदा के फरिश्ते’ निभा रहे हैं जिम्मेदारी

कार्यक्रम को सफल बनाने वाले आयोजकों (जिन्हें शहरवासी प्यार से ‘खुदा के फरिश्ते’ कहते हैं) की हर तरफ प्रशंसा हुई। स्कूल के मैदान में जुटी भारी भीड़ ने साबित कर दिया कि बाबा फरीद की इंसानियत और सूफियाना सोच आज भी फरीदकोट की फिजाओं में रची-बसी है।

शांति और तरक्की के लिए उठीं दुआएं

इस अवसर पर शहर की तमाम राजनीतिक हस्तियों, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। सभी ने एक स्वर में फरीदकोट और पंजाब की शांति, खुशहाली और तरक्की के लिए सामूहिक प्रार्थना की।

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