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चंद्रग्रहण के चलते तिरुमला और तिरुपति के प्रमुख मंदिर 10 घंटे रहेंगे बंद, रात 8:30 बजे फिर से खुलेंगे कपाट

VVinita Kohli
चंद्रग्रहण के चलते तिरुमला और तिरुपति के प्रमुख मंदिर 10 घंटे रहेंगे बंद, रात 8:30 बजे फिर से खुलेंगे कपाट
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तिरुपति: तिरुपति में चंद्रग्रहण के कारण मंगलवार को तिरुमला स्थित तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर सहित अपने अधीन संचालित कई मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए 10 घंटे तक बंद रखने की घोषणा की है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, ग्रहण की अवधि समाप्त होने और पारंपरिक शुद्धि अनुष्ठान पूरे होने के बाद ही कपाट दोबारा खोले जाएंगे। रात साढ़े आठ बजे से भक्त पुनः भगवान के दर्शन कर सकेंगे। टीटीडी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि ‘शुद्धि’ और अन्य शुद्धिकरण प्रक्रियाओं के बिना मंदिरों को नहीं खोला जाएगा।


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ग्रहण की अवधि और परंपरागत नियम

प्रशासन के अनुसार चंद्रग्रहण दोपहर तीन बजकर 20 मिनट से शाम छह बजकर 47 मिनट तक रहेगा। परंपरा के मुताबिक ग्रहण लगने से लगभग छह घंटे पहले ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इसी धार्मिक परंपरा का पालन करते हुए तिरुमला में भी निर्धारित समय से पहले दर्शन बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने दर्शन और यात्रा की योजना इसी के अनुरूप बनाएं।

तिरुपति के अन्य मंदिर भी रहेंगे बंद

तिरुपति स्थित श्री गोविंदराजा स्वामी मंदिर भी चंद्रग्रहण के दौरान बंद रहेगा। इसके अतिरिक्त टीटीडी के अधीन नारायणवनम, कार्वेतीनगरम, नागलापुरम, बुग्गा, सत्रावाड़ा, नागरी, तारिगोंडा, वायलपाड और कोसुवारिपल्ली स्थित मंदिरों में भी ग्रहण अवधि के दौरान श्रद्धालुओं का प्रवेश नहीं होगा। इन सभी स्थानों पर ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।

रद्द की गईं प्रमुख सेवाएं

मंदिर बंद रहने के कारण दिनभर आयोजित होने वाली कई धार्मिक सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। इनमें ‘अष्टदल पदपद्माराधना सेवा’, ‘उंजल सेवा’ और ‘अर्जिता ब्रह्मोत्सवम’ शामिल हैं। इन सेवाओं के लिए पहले से टिकट बुक करा चुके श्रद्धालुओं को वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्निर्धारण की जानकारी अलग से दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की नियमित पूजा-अर्चना सार्वजनिक रूप से आयोजित नहीं की जाएगी।

विशेष दर्शन पर भी रोक

टीटीडी ने वीआईपी ब्रेक दर्शन, श्रीवाणी दर्शन, 300 रुपये का विशेष प्रवेश दर्शन और एनआरआई दर्शन को भी अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। इन श्रेणियों के तहत बड़ी संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालु दर्शन करते हैं, लेकिन ग्रहण अवधि में सभी प्रकार के विशेष प्रवेश रोके जाएंगे। तिरुमला स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर की आधिकारिक संरक्षक संस्था टीटीडी है और इसे विश्व का सबसे समृद्ध हिंदू मंदिर माना जाता है। प्रशासन ने कहा है कि सभी व्यवस्थाएं पारंपरिक आस्था और शास्त्रीय नियमों के अनुसार की जा रही हैं।

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