Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद के डासना स्थित सुंदरदीप कॉलेज में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन को संबोधित किया। विधान परिषद चुनाव के मतदाताओं के बीच पहुंचे सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा के शासनकाल में दंगों, कर्फ्यू और खराब सड़कों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में निवेश का माहौल नहीं था।
आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर योगी ने सपा की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने गिरगिट की तरह रंग बदला और टिकट बेचने का काम किया। उन्होंने पार्टी के पीडीए नारे पर तंज कसते हुए इसे ‘परिवार डेवलपमेंट पार्टी’ बताया। टिकट वितरण को लेकर भी उन्होंने सपा पर निशाना साधा और चाचा जान तथा मुंबई के कारोबारी को टिकट देने का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान राम, हनुमान, वृंदावन के बांके बिहारी, मां शाकुंभरी और भगवान शिव का नाम लेकर की। उन्होंने कहा कि नवरात्र में मां कात्यायनी स्वरूप की आराधना की जा रही है।
दंगे, कर्फ्यू और धार्मिक आयोजनों को लेकर सपा पर हमला
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू और टूटी सड़कों से होती थी। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में निवेश नहीं आता था। मुख्यमंत्री ने आजम खां की यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उसके लिए अलग नियम बनाए गए, जबकि दूसरे विश्वविद्यालयों को स्थापित करने में बाधाएं आती थीं। धार्मिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि गाजियाबाद में बड़े स्तर पर रामलीलाओं का आयोजन हो रहा है। उनके मुताबिक, सपा की सरकार होती तो ऐसे आयोजनों के दौरान दंगे हो सकते थे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कांवड़ यात्रा के दौरान कोई दंगा नहीं हुआ और धार्मिक आयोजनों को सुरक्षा मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा शासनकाल में कांवड़ यात्रा और रामलीला जैसे आयोजन करना मुश्किल था और नवरात्र के दौरान दुर्गापूजा के पंडाल तक नहीं लग पाते थे। उन्होंने भाजपा सरकार के कार्यकाल में विरासत संरक्षण का जिक्र करते हुए काशी विश्वनाथ धाम के विकास और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर पेश किया।
जेवर एयरपोर्ट, नमो भारत ट्रेन और मेडिकल कॉलेजों का जिक्र
सीएम योगी ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए सहारनपुर में मां शाकुंभरी कॉरिडोर के निर्माण कार्य की बात कही। उन्होंने बताया कि पहले दर्शन के दौरान पानी आने से श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी। अब श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एलिवेटेड मार्ग बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए धनराशि रोक दी थी, जबकि भाजपा सरकार ने इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया। योगी ने नमो भारत ट्रेन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दिल्ली और मेरठ के बीच आवागमन आसान हुआ है। उन्होंने जेवर एयरपोर्ट को भी प्रदेश के विकास से जुड़ी प्रमुख परियोजना बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मिर्जापुर और अलीगढ़ में विश्वविद्यालय बनाए गए हैं। उन्होंने प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश की पहचान ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ के रूप में बन रही है। योगी ने यह भी कहा कि मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, आगरा, कानपुर और लखनऊ में मेट्रो सेवाएं चल रही हैं। उन्होंने अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
रोजगार, स्टार्टअप और शिक्षकों की मांगों पर बोले योगी
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख लोगों को नौकरी दी जा रही है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नौकरी मिलने को लेकर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन अब प्रदेश में चार बार नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बन रहा है। उन्होंने प्रदेश में 24 हजार स्टार्टअप होने का भी दावा किया। मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों को सरकार की रोजगार और उद्यमिता से जुड़ी नीतियों के संदर्भ में रखा।
शिक्षकों के मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल ने शिक्षकों के हित में जो मांगें उठाई थीं, उन पर काम किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों को राहत देने का प्रयास किया है। शिक्षक समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के भरोसे को देखते हुए श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल को एक बार फिर प्रत्याशी बनाया गया है। सम्मेलन में उन्होंने शिक्षकों और स्नातकों से जुड़े मुद्दों के साथ सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को भी सामने रखा। बरेली में योगी का ऐलान, ग्राम प्रहरियों को अब ₹3,500 मानदेय और ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज

