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Vinesh Phogat: विनेश फोगाट को तगड़ा झटका: एशियन गेम्स-2026 की रेस से बाहर, जानें क्यों टूटने वाली है उम्मीद

AAmandeep Singh
विनेश फोगाट को तगड़ा झटका: एशियन गेम्स-2026 की रेस से बाहर, जानें क्यों टूटने वाली है उम्मीद
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हरियाणा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने वाली ओलिंपियन विनेश फोगाट की राह में एक बार फिर मुश्किलों का पहाड़ खड़ा हो गया है। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा लागू किए गए नए और सख्त नियमों के कारण विनेश आगामी एशियन गेम्स-2026 के सफर से लगभग बाहर हो गई हैं। खेल गलियारों में यह खबर आग की तरह फैल गई है, क्योंकि विनेश को इस प्रतियोगिता के लिए पदक की सबसे बड़ी दावेदारों में से एक माना जा रहा था। दरअसल, मामला तकनीकी पात्रता का है, जिसमें विनेश इस बार पिछड़ती नजर आ रही हैं।

महासंघ की नई ‘पात्रता’ शर्त ने बढ़ाई मुश्किल

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कुश्ती महासंघ ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 मई को दिल्ली में होने वाले महिला टीम के चयन ट्रायल में हर किसी को एंट्री नहीं मिलेगी। महासंघ ने एक कड़ा मानक तय किया है, जिसके तहत केवल वही खिलाड़ी ट्रायल में उतर सकेंगे जिन्होंने हालिया राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी चमक बिखेरी हो। महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह का कहना है कि यह निर्णय कुश्ती के गिरते स्तर को सुधारने और मौजूदा फॉर्म में चल रही नई प्रतिभाओं को तरजीह देने के लिए लिया गया है। इस फैसले ने अनुभवी खिलाड़ियों के लिए चुनौती बढ़ा दी है, जो लंबे समय से नेशनल सर्किट से दूर थे।

इन टूर्नामेंट्स को बनाया गया आधार

ट्रायल के लिए जो ‘योग्यता’ पैमाना तय किया गया है, उसमें 2025 की सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, 2026 का सीनियर फेडरेशन कप और अंडर-20 नेशनल चैंपियनशिप को शामिल किया गया है। नियम यह है कि ट्रायल में वही बैठेगा जिसने इन तीन में से किसी एक टूर्नामेंट में पदक जीता हो। दुर्भाग्य से, विनेश फोगाट विभिन्न कारणों और व्यक्तिगत व्यस्तताओं के चलते इन तीनों में से किसी भी टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं रही हैं। ऐसे में तकनीकी रूप से उनके पास ट्रायल देने का अधिकार फिलहाल खत्म हो चुका है।

युवा पहलवानों पर महासंघ का दांव

महासंघ के इस रुख से साफ है कि अब वह पुराने नामों के बजाय उन चेहरों पर दांव लगाना चाहता है जो मैट पर लगातार पसीना बहा रहे हैं। हालांकि, खेल जानकारों का मानना है कि विनेश जैसी खिलाड़ी को बाहर रखना भारतीय पदक तालिका को प्रभावित कर सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या विनेश इस फैसले को चुनौती देती हैं या महासंघ अपनी नीति में कोई ढील देता है। फिलहाल की स्थिति यही है कि एशियन गेम्स के अखाड़े में विनेश के दांव-पेच देखने के लिए फैंस को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

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