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Vinesh Phogat Doping Notice: विनेश फोगाट को ITA का नोटिस: डोप टेस्ट के लिए नहीं मिलीं पहलवान, क्या लगेगा 2 साल का बैन?

AAmandeep Singh
विनेश फोगाट को ITA का नोटिस: डोप टेस्ट के लिए नहीं मिलीं पहलवान, क्या लगेगा 2 साल का बैन?
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हरियाणा। पहलवान विनेश फोगाट, जिन्होंने हाल ही में राजनीति के अखाड़े में कदम रखा है, अब एक नई कानूनी उलझन में फंसती नजर आ रही हैं। इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने विनेश को ‘व्हेयरअबाउट्स’ क्लॉज के उल्लंघन का दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल, यह पूरा मामला 18 दिसंबर 2025 का है, जब बेंगलुरु में उनके डोप टेस्ट की तैयारी थी, लेकिन विनेश वहां मौजूद नहीं थीं। खेल जगत में इसे ‘मिस टेस्ट’ की श्रेणी में रखा जाता है और विनेश को अब 7 मई तक इस पर अपनी सफाई पेश करनी है।

क्या है ‘व्हेयरअबाउट्स’ नियम और क्यों फंसीं विनेश?

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एंटी-डोपिंग नियमों के तहत, एलीट एथलीटों को हर तीन महीने में अपनी लोकेशन यानी ‘व्हेयरअबाउट्स’ की जानकारी देनी होती है, ताकि एजेंसी कभी भी ‘आउट ऑफ कॉम्पिटिशन’ (प्रतियोगिता से इतर) टेस्ट कर सके। विनेश का यह टेस्ट भी इसी रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा था। जानकारों की मानें तो अभी मामला केवल चेतावनी तक सीमित है क्योंकि यह एक साल के भीतर उनका पहला उल्लंघन है। हालांकि, खतरे की घंटी इसलिए बजी है क्योंकि अगर कोई खिलाड़ी 12 महीने के भीतर तीन बार टेस्ट मिस करता है या अपनी सटीक जानकारी नहीं देता, तो उस पर दो साल तक का कड़ा प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

विधानसभा सत्र और मातृत्व का दिया हवाला

विनेश ने इस नोटिस पर अपनी प्रारंभिक प्रतिक्रिया में वाजिब वजहें गिनाई हैं। जुलाना से विधायक विनेश का कहना है कि 18 दिसंबर को हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा था। जन प्रतिनिधि होने के नाते वे बेंगलुरु से चंडीगढ़ की यात्रा पर थीं, जिस कारण वे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हो सकीं। इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में हुए बच्चे के जन्म और नई पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया है। विनेश का तर्क है कि इन बदलावों और व्यस्तताओं के चलते वे अपना लोकेशन डेटा अपडेट नहीं कर पाई थीं।

खेल और सियासत के बीच संतुलन की चुनौती

विनेश फोगाट के लिए यह समय दोहरी चुनौतियों वाला है। एक तरफ जहां उन्हें कुश्ती की दुनिया में अपनी साख और नियमबद्धता को साबित करना है, वहीं दूसरी ओर विधायक के तौर पर जनता के प्रति अपनी जवाबदेही भी निभानी है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि विनेश का करियर जिस मुकाम पर है, वहां ऐसी तकनीकी चूक उन पर भारी पड़ सकती है। अब सबकी निगाहें 7 मई पर टिकी हैं, जब विनेश को आधिकारिक तौर पर अपना जवाब दाखिल करना है। अगर ITA उनके तर्कों से संतुष्ट नहीं होता, तो भविष्य में उनके खेल करियर पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं।

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