अंडा फेंकने की घटना को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुंचीं महुआ मोइत्रा
अंडे फेंकने की घटना पर महुआ मोइत्रा हाई कोर्ट पहुंचीं
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के तेहट्टा में 16 सितंबर को अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान अंडे फेंके जाने की घटना को लेकर महुआ मोइत्रा ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उनके वकील अर्का नाग ने अदालत में आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। मोइत्रा के अनुसार, वह पार्टी कार्यक्रम के लिए तेहट्टा पहुंची थीं। वहां कथित तौर पर एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के सदस्यों ने काले झंडे दिखाए और उनके वाहन की ओर अंडे फेंके।
इस मामले की पृष्ठभूमि में हाई कोर्ट का पहले का अंतरिम आदेश भी है। अदालत ने सितंबर की शुरुआत में निर्देश दिया था कि महुआ मोइत्रा जब अपने कृष्णानगर संसदीय क्षेत्र का दौरा करें तो उन्हें सुरक्षा देने के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। यह व्यवस्था सितंबर के अंत तक लागू रहने वाली थी। 21 सितंबर को याचिका का अदालत में उल्लेख किया गया। मोइत्रा के वकील ने मामले की जल्दी सुनवाई की मांग की, लेकिन अदालत ने तत्काल सुनवाई को प्राथमिकता देने से इनकार करते हुए कहा कि मामले को नियमित क्रम के अनुसार सूचीबद्ध किया जाएगा।
16 सितंबर को तेहट्टा में हुई घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी साझा किया था। वीडियो में उनके चेहरे पर अंडे के टूटे हुए छिलके दिखाई दे रहे थे और वह मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाती नजर आईं। मोइत्रा ने आरोप लगाया कि सात से 10 भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके। उनके मुताबिक, इनमें स्थानीय मंडल अध्यक्ष तथा पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल थे। इन आरोपों को संबंधित पक्ष के दावे के तौर पर देखा जाना चाहिए; घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं।
पुलिस सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल
मोइत्रा ने घटना के दौरान सवाल उठाया था कि जब पुलिसकर्मी उनके साथ मौजूद थे, तब प्रदर्शनकारी उनके करीब कैसे पहुंच पाए। वहीं, घटना से जुड़ी रिपोर्टों में पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि स्थानीय अधिकारियों को बैठक की सटीक जानकारी नहीं थी। रिपोर्टों के अनुसार, मोइत्रा ने अपने दौरे से पहले पुलिस को जानकारी दी थी। पुलिस की ओर से उनके दौरे के लिए एक महिला सहायक उपनिरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाए जाने की भी जानकारी सामने आई थी। महुआ मोइत्रा कृष्णानगर लोकसभा सीट से दो बार सांसद हैं। उन्होंने पहले भी आरोप लगाया है कि अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्हें राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ता है और अंडे फेंकने जैसी घटनाएं हुई हैं।
ताजा घटना ऐसे समय हुई जब उनके लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई कोर्ट का आदेश पहले से मौजूद था। इसी वजह से उनकी नई याचिका में घटना के दौरान पुलिस की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया गया है। ताजा याचिका का अगला चरण नियमित सुनवाई के क्रम में तय होगा। फिलहाल अदालत ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की है और मामले को सामान्य सूची के अनुसार सुनने की बात कही है। तेहट्टा की घटना ने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल फिर सामने ला दिए हैं। हालांकि, घटना में किसकी क्या भूमिका थी और पुलिस की ओर से सुरक्षा में कोई चूक हुई या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
