Political Update: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने देश के युवाओं को संदेश देते हुए कहा, “आपकी दीदी आज भी आपके साथ है और हमेशा रहेगी।” ममता ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे एक पूरी पीढ़ी को डराने और उसकी आवाज दबाने की कोशिश बताया। ममता बनर्जी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष पहले भी होता रहा है और आगे भी जारी रहना चाहिए। उन्होंने कॉजपा नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी को लेकर विरोध जताया और लोगों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
कॉजपा नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत
कॉजपा के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉण्ड का कथित उल्लंघन करने और जंतर-मंतर क्षेत्र में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के आरोप हैं। दोनों नेताओं को मंगलवार तड़के हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि उन्होंने बैरिकेड तोड़कर बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश किया। वहां उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। जंतर-मंतर को अब निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया गया है। इसी स्थान पर प्रदर्शन को लेकर हुई कार्रवाई के बाद विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं।
ममता बोलीं- संवैधानिक अधिकारों से पीछे नहीं हटेंगे
ममता बनर्जी ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने और उनसे पहले की कई पीढ़ियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष किया है। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात में भी लोगों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाते रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “ये ऐसे क्षण हैं, जब हम सभी को संकल्प लेना चाहिए और अपने महान लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए आगे आना चाहिए।”
ममता ने गिरफ्तारी को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि लोगों को अपने संवैधानिक अधिकारों को लेकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश के कई हिस्सों में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में उनके 14,000 लोग पुलिस और राजनीतिक अत्याचारों का सामना कर रहे हैं। ममता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार यह भूल जाती है कि वह जनता की, जनता के द्वारा और जनता के लिए है, उसका अंत निकट है। उन्होंने देश के युवाओं से एकजुट होकर भारत की रक्षा करने की अपील की और अपनी पोस्ट का अंत “जय हिंद, वंदे मातरम् और जय बांग्ला” के नारों के साथ किया। जंतर-मंतर जा रहे केजरीवाल-ममता को पुलिस ने पकड़ा; 1,000 से ज्यादा लोग हिरासत में, आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेडिंग पर बवाल
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर भी विरोध
ममता बनर्जी इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते हुए निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के तहत तैयार की जा रही मतदाता सूची में कथित हेरफेर का आरोप लगाया। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। ममता की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग और SIR के विरोध को लेकर विपक्षी दलों का आंदोलन जारी है। कॉजपा नेताओं की गिरफ्तारी ने इस राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। SIR के विरोध में INDIA ब्लॉक की बैठक; राहुल गांधी के घर चाय पर जुटे विपक्षी नेता, 7 दिन में किए 5 प्रदर्शन
अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा पर साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी कॉजपा नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर हमला बोला। डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक ने ‘एक्स’ पर लिखा कि खुद को सबसे बड़ा राष्ट्रवादी बताने वाले लोग अब भारतीयों को अपने ही देश में तिरंगा फहराने के लिए गिरफ्तार कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र सरकार के अनुसार, यह कृत्य शांति भंग करने की श्रेणी में आता है। अभिषेक ने अपनी पोस्ट में भाजपा के शासन की तुलना करते हुए इसे “पाकिस्ताननुमा भारत” बताया। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। विपक्षी नेताओं ने गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की है।

