World Mental Health Day: भागदौड़ भरी जिंदगी और काम के बढ़ते दबाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना आज आम बात हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में एक बड़ा वर्ग तनाव और चिंता जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में रोजमर्रा की जिंदगी में हम ऐसे छोटे-छोटे विकल्प तलाशते हैं जो हमें मानसिक रूप से सुकून और राहत दे सकें। भारत जैसे देश में जहां दिन की शुरुआत ही चाय के प्याले से होती है, यह जानना दिलचस्प है कि क्या हमारी रोज की चाय सिर्फ थकान मिटाती है या हमारे मेंटल हेल्थ पर भी पॉजिटिव असर डालती है।
चाय में छिपे हैं तनाव भगाने वाले तत्व
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. मीरा पाठक बताती हैं कि जिस तरह चॉकलेट खाने से शरीर में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे हैप्पी हार्मोन रिलीज होते हैं, उसी तरह चाय भी हमारे मूड को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है। जब हम तनाव में होते हैं और अपने व्यस्त दिन से थोड़ा समय निकालकर गर्म चाय की चुस्की लेते हैं, तो यह एक तरह का मेंटल ब्रेक बन जाता है। इसके अलावा, चाय में कैफीन, पॉलिफिनॉल्स और टैनिन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जहां कैफीन हमें चुस्त और एलर्ट महसूस कराता है, वहीं एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को हील करने में मदद करते हैं।
स्टडी में सामने आए ब्लैक टी के फायदे
चाय और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पबमेड में छपे एक शोध में यह बात सामने आई है कि सीमित मात्रा में काली चाय का सेवन मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है। इस अध्ययन में पाया गया कि सही मात्रा में ब्लैक टी लेने से डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि चाय में बहुत अधिक चीनी और दूध का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक सेवन डाइजेशन और कैलोरी पर बुरा असर डाल सकता है।
ग्रीन टी और हर्बल टी भी हैं बेहतरीन विकल्प
सिर्फ काली चाय ही नहीं, बल्कि ग्रीन टी को भी मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए बेहद गुणकारी माना गया है। कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ग्रीन टी के अर्क से एंग्जायटी और डिप्रेशन के लक्षणों में सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है। इसके अलावा, अगर आप कैफीन से बचना चाहते हैं तो कैमोमाइल टी, तुलसी टी, अश्वगंधा टी या ब्राह्मी टी जैसी हर्बल चाय भी चुन सकते हैं। ये सभी प्राकृतिक ड्रिंक्स न केवल आपको रिलैक्स महसूस कराते हैं बल्कि नींद की गुणवत्ता में भी सुधार करते हैं।
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