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Vinesh Phogat Ban: विनेश फोगाट पर लगा बैन: WFI ने 26 जून तक घरेलू कुश्ती से किया बाहर, जानें वजह

AAmandeep Singh
विनेश फोगाट पर लगा बैन: WFI ने 26 जून तक घरेलू कुश्ती से किया बाहर, जानें वजह
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हरियाणा। भारतीय कुश्ती में एक बार फिर बवाल मच गया है। ओलंपिक स्टार और हरियाणा के जुलाना से विधायक विनेश फोगाट पर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने कड़ा फैसला लेते हुए 26 जून तक किसी भी घरेलू मुकाबले में खेलने पर पाबंदी लगा दी है। फेडरेशन ने विनेश को बाकायदा नोटिस थमाकर उन पर डोपिंग नियमों, महासंघ के अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कायदों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।

संन्यास से वापसी और ‘शर्मिंदगी’ का हवाला

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WFI का तर्क है कि विनेश ने कुश्ती से संन्यास लेने और फिर वापसी करने के बीच के छह महीने के अनिवार्य नोटिस पीरियड का पालन नहीं किया। महासंघ ने अपने नोटिस में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि विनेश के व्यवहार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि धूमिल हुई है और भारतीय कुश्ती को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है। गौरतलब है कि अगस्त 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान वजन ज्यादा पाए जाने पर अयोग्य घोषित होने के बाद विनेश ने भावुक होकर संन्यास का ऐलान किया था, जिसे उन्होंने कुछ समय बाद बदल लिया।

गोंडा टूर्नामेंट और बृजभूषण के खिलाफ मोर्चा

यह कार्रवाई उस वक्त हुई है जब विनेश ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट का बहिष्कार करने की बात कही थी। विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर खुलासा किया कि वह उन 6 पीड़िताओं में शामिल हैं जिन्होंने पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी। विनेश का कहना था कि गोंडा में बृजभूषण का दबदबा है, वहां उनके निजी कॉलेज में प्रतियोगिता हो रही है, ऐसे में एक पीड़िता के तौर पर उनके लिए वहां जाकर पूरी क्षमता से लड़ना नामुमकिन है।

डोप टेस्ट और पुराने आरोपों की तपिश

विनेश की मुश्किलें केवल WFI के नोटिस तक सीमित नहीं हैं। इसी महीने 4 मई को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने भी उन्हें 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में हुए डोप टेस्ट में शामिल न होने पर नोटिस जारी किया था। एक तरफ विनेश इसे बृजभूषण के प्रभाव और सरकारी अनदेखी का परिणाम बता रही हैं, तो दूसरी तरफ महासंघ इसे अनुशासनहीनता करार दे रहा है। करीब तीन साल पहले जंतर-मंतर से शुरू हुई यह जंग अब मैट से निकलकर अदालतों और राजनीतिक अखाड़ों तक पहुंच गई है।

“सरकार मूक दर्शक बनी है”

विनेश ने अपने वीडियो में सीधा खेल मंत्रालय पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने सब कुछ बृजभूषण के भरोसे छोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टूर्नामेंट में किसे जिताना है और किसे हराना है, यह सब बृजभूषण और उनके लोग तय करेंगे। विनेश ने भावुक लहजे में कहा, “मैं नहीं चाहती थी कि मेरी पहचान उजागर हो, लेकिन आज मजबूरियों के चलते बता रही हूं कि मैं भी उस शोषण की शिकार हूं और मेरी गवाही कोर्ट में चल रही है।”

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