job loss story: नौकरी छूटना किसी भी पेशेवर व्यक्ति के जीवन में एक बेहद तनावपूर्ण दौर होता है। ऐसे कठिन समय में इंसान को सबसे ज्यादा जरूरत अपने परिवार के संबल और मानसिक सहारे की होती है। (reddit viral post India) लेकिन तब क्या हो जब संकट की इस घड़ी में अपनों का ही साथ छूट जाए और घर के भीतर ही तानों की बौछार शुरू हो जाए? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर 22 साल के एक युवा ने अपनी जिंदगी की जो कहानी बयां की है, उसे पढ़कर हर संवेदनशील इंसान का दिल पसीज जाएगा।
इस युवा को कुछ समय पहले ही आईटी सेक्टर में एक बेहतरीन नौकरी मिली थी, जहां वह हर महीने करीब 95 हजार रुपये (job lost) की कमाई कर रहा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और नौकरी शुरू होने के महज छह महीने के भीतर ही उसे कंपनी से बाहर कर दिया गया। उसे पूरी उम्मीद थी कि इस बुरे वक्त में उसके माता-पिता उसका साथ देंगे और नई राह तलाशने में मदद करेंगे, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट निकली।
ताने और कड़वी बातें बनीं रोजमर्रा की हकीकत (parents taunting after job loss)
युवक ने अपनी पोस्ट में बताया कि पिछले एक महीने से उसके माता-पिता लगातार उसे कोस रहे हैं। घर में उसे ‘मुफ्तखोर’ कहकर ताने मारे जा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब गुस्से में माता-पिता ने यहां तक कह दिया कि उसे पैदा करना उनकी सबसे बड़ी गलती थी। अपनों के मुंह से ऐसे शब्द सुनकर वह अंदर से पूरी तरह टूट चुका है, लेकिन अपनी पीड़ा बांटने के लिए उसके पास कोई अपना नहीं बचा है।
नौकरी जाने के बाद उसकी आर्थिक हालत तेजी से बिगड़ी है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि उसकी जेब में बाइक में पेट्रोल डलवाने तक के पैसे नहीं बचे। एक बार तो उसे मजबूरी में अपनी बाइक करीब तीन किलोमीटर तक पैदल खींचकर ले जानी पड़ी। परिवार का रवैया ऐसा था कि उन्होंने उसका एयर कूलर तक यह कहकर उतरवा लिया कि उन्हें गर्मी लग रही है।
दो दिनों तक भूखा रहने की मजबूरी और संघर्ष
युवक ने अपनी तंगी का जिक्र करते हुए लिखा कि कई बार उसे दो-दो दिन तक भूखा रहना पड़ा, मगर घर में किसी को इस बात की परवाह तक नहीं है। गुजर-बसर के लिए उसने किराए पर इलेक्ट्रिक स्कूटर लेकर फूड डिलीवरी करने की कोशिश भी की, लेकिन इस काम के चक्कर में उसे नौकरी के नए इंटरव्यू की तैयारी के लिए समय ही नहीं मिल पा रहा था।
अब उसने तय किया है कि वह दिन के समय नौकरी के लिए इंटरव्यू की तैयारी करेगा और रात के वक्त किसी जगह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी ढूंढेगा ताकि जीवन की गाड़ी चल सके। (young IT professional struggles) उसने बताया कि उसकी बाइक उसकी खुद की गाढ़ी कमाई से खरीदी गई थी, जिस पर कोई ईएमआई नहीं है, लेकिन उसने भविष्य के लिए ज्यादा बचत नहीं की थी, जिसकी कीमत अब उसे चुकानी पड़ रही है।
इस पूरे अनुभव ने इस युवा को जिंदगी का एक बहुत बड़ा और कड़वा पाठ पढ़ा दिया है। उसने अपनी पोस्ट के अंत में लोगों को सलाह दी है कि वे अपने सपनों के पीछे भागने के साथ-साथ कुछ पैसे बचाकर जरूर रखें, ताकि कभी कमाई का जरिया बंद होने पर किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े। गुमनाम रहकर अपना दर्द साझा करने वाले इस युवा की कहानी आज के दौर में युवाओं के सामने आने वाली मानसिक और आर्थिक चुनौतियों का एक कड़वा सच बयां करती है।

