Narnaul: 27 नवंबर को बाल, प्रारंभिक एवं जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित

Narnaul: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 27 नवंबर को “बाल, प्रारंभिक एवं जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस” घोषित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है, जिसे भारत सरकार द्वारा इसी तारीख को शुरू किए गए ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के लिए विशेष उपलब्धि माना जा रहा है।
बाल कल्याण समिति, जिला महेंद्रगढ़ के चेयरपर्सन राजेश राज गोयल ने इसे भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक एवं सामाजिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, जिससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रभावित होते हैं।
उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान केवल कानून से संभव नहीं है, बल्कि परिवार, समाज, प्रशासन और सामाजिक संगठनों को मिलकर कार्य करना होगा तथा अभिभावकों को कम उम्र में विवाह के बजाय बच्चों को अच्छी शिक्षा व सुरक्षित वातावरण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि “बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके बचपन की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है,” और उम्मीद जताई कि इस निर्णय से बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य जल्द हासिल होगा।
