Kaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़ताल
ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़ताल
Kaithal Nursing Staff Strike: हरियाणा के कैथल जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लागू की जा रही ‘मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी’ को लेकर नर्सिंग कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा है। नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन कैथल के बैनर तले एकजुट हुए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इस नीति को नर्सिंग कैडर के लिए पूरी तरह अव्यवहारिक करार देते हुए इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस नीति से नर्सिंग स्टाफ को बाहर नहीं किया, तो स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
अपनी मांगों के समर्थन में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य विभाग), महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (हरियाणा) समेत जिले के सभी सीनियर मेडिकल ऑफिसरों (SMO) और मेडिकल ऑफिसरों को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है।
‘अस्पताल की ड्यूटी बाकी विभागों से अलग, दूर तबादले से बढ़ेगी दुश्वारी’
प्रदर्शन में शामिल नर्सिंग ऑफिसर सुमन, जगदीश, पिंकी, ललित, संजीव, मुकेश और बलविंद्र ने कहा कि अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली अन्य सरकारी विभागों से बिल्कुल भिन्न होती है। उन्हें मरीजों की चौबीसों घंटे देखभाल के लिए मॉर्निंग, इवनिंग और नाइट जैसी तीन कड़ी शिफ्टों में काम करना पड़ता है। ऐसे में यदि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के जरिए उनका तबादला सुदूर इलाकों में कर दिया जाता है, तो दैनिक आवागमन और ड्यूटी निभाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में महिला नर्सिंग अधिकारी सेवाएं दे रही हैं। उन पर छोटे बच्चों के पालन-पोषण और परिवार की भी अहम जिम्मेदारियां हैं। नाइट शिफ्ट की ड्यूटी के दौरान दूर-दराज के क्षेत्रों में आने-जाने से उनकी निजी सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा होगा। उन्होंने तर्क दिया कि देश के किसी भी अन्य राज्य में नर्सिंग कैडर पर इस तरह की ऑनलाइन ट्रांसफर नीति लागू नहीं है, फिर हरियाणा में इसे जबरन क्यों थोपा जा रहा है?
5, 6 और 7 अक्टूबर को रहेगा काम बंद
एसोसिएशन ने अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि इससे पहले 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को सांकेतिक रूप से दो-दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया गया था, लेकिन शासन-प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
वार्ता का कोई सार्थक नतीजा न निकलता देख अब 5, 6 और 7 अक्टूबर को तीन दिनों की पूर्ण हड़ताल का फैसला लिया गया है। नर्सिंग अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि तीन दिन की इस हड़ताल के बाद भी यदि सरकार ने उनकी वाजिब मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल जैसा कड़ा कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
यह भी पढ़ें– एमडीयू में मर्सी चांस का पेपर 25 हजार में बेचे जाने का आरोप, ऑडीओ-चैट वायरल
