Ambala Dhulkot Building Collapse: अंबाला जिले के धूलकोट गांव में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में जिला एवं सत्र न्यायालय (Ambala Court News) ने सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की (Hitesh Garg Judge Ambala) अदालत ने मामले के तीन मुख्य आरोपियों हरदीप सिंह जग्गी, (Hardeep Singh Jaggi) सरबजोत सिंह और सिमरजोत सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पूरी तरह खारिज कर दी है। अदालत ने 6 अक्टूबर को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी को निर्माण कार्य, सामग्री की गुणवत्ता और वित्तीय लेनदेन की तह तक जाने के लिए आरोपियों से पूछताछ जरूरी है।
27 सितंबर को क्या हुआ था?
धूलकोट गांव में 27 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी। इस भीषण मलबे में दबकर सात प्रवासी मजदूरों की जान चली गई थी, जबकि 10 से 12 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने तुरंत विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर जांच शुरू की थी।
अदालत ने क्यों खारिज की जमानत?
विशेष जांच दल ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान मजदूरों, स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच में निर्माण सामग्री, ईंटों की खरीद से जुड़े लेन-देन और फोन कॉल के रिकॉर्ड सामने आए हैं। हादसे वाले दिन आरोपी सरबजोत सिंह द्वारा मृत ठेकेदार मलकीत सिंह को भेजे गए संदेश से भी याचिकाकर्ताओं की सीधी संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं। नगर निगम की रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि यह निर्माण बिना मंजूरी वाले क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहा था।
मानव अधिकार आयोग ने क्या कदम उठाया? (Haryana Human Rights Commission)
हरियाणा मानव अधिकार आयोग के न्यायिक सदस्य कुलदीप जैन ने श्रमिकों के जीवन और सुरक्षा के अधिकार के उल्लंघन पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने अंबाला के उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर पूरी रिपोर्ट मांगी है। मामले में अगली औपचारिक सुनवाई 12 नवंबर को तय की गई है, तब तक सभी संबंधित विभागों को विस्तृत हलफनामा देना होगा।
नगर निगम से पूछे गए 5 तीखे सवाल
मानव अधिकार आयोग ने अंबाला नगर निगम से पूछा है कि क्या इमारत का नक्शा पास कराया गया था और क्या निर्माण नियमों के तहत हो रहा था। आयोग ने यह भी पूछा कि क्या हादसे से पहले निगम अधिकारियों (Illegal Building Collapse Ambala) ने मौके का कभी मुआयना किया था या कोई नोटिस जारी किया था। इसके अलावा मकान मालिक, बिल्डर, ठेकेदार, आर्किटेक्ट और स्ट्रक्चरल इंजीनियर का पूरा ब्योरा तलब किया गया है।
प्रशासन और पुलिस से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
आयोग ने उपायुक्त से मृतकों और घायलों की सही संख्या, दिए गए मुआवजे और मजिस्ट्रेटी जांच के निष्कर्षों की रिपोर्ट पेश करने को कहा है। पुलिस अधीक्षक से दर्ज प्राथमिकी की धाराओं और अब तक की गई कानूनी कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया है। (Ambala News Hindi) इसके साथ ही मलबे की तकनीकी जांच और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना मांगी गई है ताकि अवैध निर्माणों पर रोक लग सके।
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