Amritsar fuel ban number plate : अमृतसर में बिना वैध नंबर प्लेट के नहीं मिलेगा पेट्रोल और डीजल
अमृतसर में बिना वैध नंबर प्लेट के नहीं मिलेगा पेट्रोल और डीजल
Amritsar fuel ban number plate : पंजाब के अमृतसर में अब सड़क पर बिना वैध नंबर प्लेट के वाहन दौड़ाना भारी पड़ सकता है। शहर में बढ़ते अपराधों और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है।
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 के तहत एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत कमिश्नरेट क्षेत्र के किसी भी फ्यूल स्टेशन पर बिना वैध नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी। पुलिस का यह फैसला शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
प्रशासन के संज्ञान में आया था कि कई वाहन चालक जानबूझकर अपनी नंबर प्लेट को मोड़कर, तोड़कर, ढककर या उसमें छेड़छाड़ करके वाहन चलाते हैं। इस तरह की कारगुजारियों से ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ स्थानीय पुलिस को भी वाहनों की सही पहचान करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अस्पष्ट या फर्जी नंबर प्लेट वाले इन वाहनों का इस्तेमाल अक्सर हिट एंड रन, चेन स्नैचिंग, वाहन चोरी और लूटपाट जैसी आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाता है। ऐसे में ईंधन मिलने पर रोक लगने से अपराधियों की गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगेगी।
नए वाहनों और आपातकालीन सेवाओं को छूट
जारी किए गए आदेश के मुताबिक, अमृतसर की सीमा में उन्हीं वाहनों को ईंधन मिलेगा जिनके आगे और पीछे वैध हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी एचएसआरपी (HSRP) लगी होगी। यदि नंबर प्लेट टूटी हुई, मुड़ी हुई, ढकी हुई या बदली हुई पाई गई, तो फ्यूल पंप पर सरेआम मनाही होगी।
हालांकि, इस पाबंदी से कुछ जरूरी रियायतें भी दी गई हैं। जिन नए वाहनों पर वैध रजिस्ट्रेशन नंबर या वैध अस्थायी (टारानी) नंबर चस्पा होगा, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है। इसके अलावा एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं में लगे सरकारी व गैर-सरकारी वाहनों पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
पेट्रोल पंप संचालकों के लिए निर्देश और सीसीटीवी की अनिवार्यता
इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन मालिकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। सभी पंप संचालकों को अपने प्रवेश द्वार और ईंधन भरने वाली जगह के पास कम से कम 3 गुणा 3 फीट का एक बड़ा सूचना बोर्ड लगाना होगा, जिस पर साफ शब्दों में लिखा हो कि बिना वैध नंबर प्लेट के ईंधन नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा, पंप परिसरों में लगे सीसीटीवी और एएनपीआर (ANPR) कैमरों को चौबीसों घंटे चालू रखना अनिवार्य किया गया है ताकि आने-जाने वाले हर वाहन की आगे और पीछे की नंबर प्लेट साफ-साफ रिकॉर्ड हो सके। पंप संचालकों को यह फुटेज कम से कम 30 दिनों तक संभाल कर रखनी होगी और पुलिस द्वारा मांगे जाने पर तुरंत उपलब्ध करानी होगी।
बोतल में पेट्रोल देने पर रोक और विवाद पर तुरंत एक्शन
सुरक्षा के लिहाज से पेट्रोल और डीजल पंपों पर किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति को खुली बोतल, डिब्बे या किसी अन्य कंटेनर में ईंधन देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यदि कोई वाहन चालक बिना नंबर प्लेट के फ्यूल मांगता है और पंप कर्मचारी द्वारा मना करने पर किसी तरह का विवाद, हंगामा या बदसलूकी करता है, तो संचालक या कर्मचारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना देंगे।
यदि कोई भी व्यक्ति या पंप संचालक इन आदेशों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 223 और मोटर व्हीकल एक्ट के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
