Golden Temple: अमृतसर में मंगलवार को श्री गुरु रामदास जी का 492वां प्रकाश पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। गुरु घर में माथा टेकने और गुरु साहिब का आशीर्वाद लेने के लिए सुबह से ही संगत की आमद बनी रही। प्रकाश पर्व के कारण दरबार साहिब परिसर में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिला। श्री हरिमंदिर साहिब, जिसे गोल्डन टेंपल के नाम से भी जाना जाता है, को इस अवसर पर फूलों से सजाया गया। सजावट के बीच श्रद्धालुओं ने गुरु घर में माथा टेककर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
संगत ने पवित्र सरोवर में स्नान किया और गुरु साहिब के समक्ष शीश झुकाकर परिवारों, समाज और पूरी मानवता के कल्याण की अरदास की। प्रकाश पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। कई लोगों को अपनी बारी आने के लिए चार से पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद संगत में गुरु घर के दर्शन करने और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने को लेकर उत्साह बना रहा। श्रद्धालु दूर-दराज के क्षेत्रों और विदेशों से भी अमृतसर पहुंचे। उनके लिए श्री गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि गुरु साहिब के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने का विशेष अवसर रहा। संगत ने पवित्र सरोवर में स्नान करने के बाद दरबार साहिब में माथा टेका और गुरबाणी का श्रवण किया।
मंजी साहिब दीवान हॉल में अखंड पाठ साहिब के भोग, रागी-ढाडी जत्थों ने किया कीर्तन
प्रकाश पर्व के अवसर पर मंजी साहिब दीवान हॉल में अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। इस धार्मिक कार्यक्रम में गुरु साहिब के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। प्रसिद्ध रागी और ढाडी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन किया, जिसे सुनने के लिए संगत जुटी रही। कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब की शिक्षाओं को याद किया और धार्मिक वातावरण में समय बिताया। गुरबाणी कीर्तन सिख परंपरा में विशेष स्थान रखता है। प्रकाश पर्व के अवसर पर रागी-ढाडी जत्थों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रमों को धार्मिक स्वरूप प्रदान किया। श्रद्धालु गुरु घर में माथा टेकने के साथ-साथ कीर्तन सुनने और अरदास में शामिल होने के लिए पहुंचे।
अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ प्रकाश पर्व के धार्मिक कार्यक्रमों ने संगत को एक साथ जुड़ने का अवसर दिया। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की और सरबत के भले की कामना की। इस दौरान श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं।
हरिमंदिर साहिब, अकाल तख्त और बाबा अटल राय साहिब में सजेंगे जलौ साहिब
श्री गुरु रामदास जी के 492वें प्रकाश पर्व पर हरिमंदिर साहिब, अकाल तख्त साहिब और बाबा अटल राय साहिब में जलौ साहिब सजाए जाने का कार्यक्रम भी रखा गया। जलौ साहिब में ऐतिहासिक और कीमती धार्मिक वस्तुओं को संगत के दर्शन के लिए प्रदर्शित किया जाता है। प्रकाश पर्व पर इन वस्तुओं के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहते हैं। जलौ साहिब में सोने के दरवाजे, चांदी की कुदालें, कटोरे और सोने-हीरों से जड़े आभूषण शामिल हैं। इन वस्तुओं को देखने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता रहती है। प्रकाश पर्व के मौके पर जलौ साहिब के दर्शन गुरु घर की ऐतिहासिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर देते हैं।
हरिमंदिर साहिब और अकाल तख्त साहिब सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक केंद्र हैं, जबकि बाबा अटल राय साहिब भी श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। इन स्थानों पर जलौ साहिब सजाने का कार्यक्रम प्रकाश पर्व की धार्मिक महत्ता को और विशेष बनाता है। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर गुरु घर की परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहर से परिचित होने का भी माध्यम रहता है।
शाम को दीपमाला और आतिशबाजी, रोशनी से सजेगा धार्मिक परिसर
प्रकाश पर्व के अवसर पर शाम को दीपमाला और आतिशबाजी का आयोजन होगा। दीपमाला इस पर्व के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। इस दौरान रोशनी से सजे धार्मिक परिसर में श्रद्धालु गुरु साहिब के प्रकाश पर्व की खुशियां साझा करेंगे। दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद संगत शाम के आयोजनों में भी शामिल होगी। दीपमाला और आतिशबाजी के साथ प्रकाश पर्व का उत्सव धार्मिक आस्था और सामूहिक श्रद्धा के वातावरण में आगे बढ़ेगा। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन गुरु घर में बिताए गए समय को यादगार बनाने वाला अवसर रहेगा। प्रकाश पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। ऐसे में श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए व्यवस्था बनाए रखना आयोजन का अहम हिस्सा रहा।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सरबत के भले की अरदास की
श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने को अपना सौभाग्य बताया। संगत ने गुरु साहिब के समक्ष सरबत के भले की अरदास की। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस पावन अवसर पर गुरु घर के दर्शन करना और पवित्र सरोवर में स्नान करना उनके लिए आध्यात्मिक शांति का अनुभव है। कई श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचना उनके लिए विशेष महत्व रखता है। गुरु साहिब के समक्ष माथा टेककर उन्होंने सभी के कल्याण और सुख-शांति की कामना की। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान करने के बाद दरबार साहिब में दर्शन किए और गुरबाणी कीर्तन का श्रवण किया।
संगत का कहना था कि गुरु घर में आकर वे खुद को भाग्यशाली महसूस करते हैं। प्रकाश पर्व पर दूर-दराज से आए लोगों ने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी श्रद्धा प्रकट की। भारी भीड़ के कारण लंबी कतारों और घंटों के इंतजार के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा। श्री गुरु रामदास जी के 492वें प्रकाश पर्व पर अमृतसर में धार्मिक आयोजन, गुरबाणी कीर्तन, अखंड पाठ साहिब के भोग, जलौ साहिब के दर्शन और शाम की दीपमाला विशेष आकर्षण रहे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब की शिक्षाओं को याद करते हुए मानवता के कल्याण की अरदास की।
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