Andhra Pradesh cyclone: आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘मुरासु’ के असर से तटीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने मंगलवार को बताया कि अब तक इस चक्रवात के कारण किसी की जान जाने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश में करीब 1.75 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। चक्रवात की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक (DIG) मोहसिन शहीदी ने प्रेसवार्ता में बताया कि आंध्र प्रदेश में बल की 14 टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद कर रही हैं और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दे रही हैं। प्रभावित आबादी को सुरक्षित रखने के लिए करीब 10 हजार लोगों को 171 राहत शिविरों में ठहराया गया है। इन लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें हालात पर नजर रख रही हैं, ताकि बारिश और चक्रवात के असर के बीच लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
सुबह 5:30 बजे तट से टकराया चक्रवात, कई जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘मुरासु’ मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे तट से टकराया। इसके बाद आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। तटीय इलाकों में मौसम की स्थिति को देखते हुए राहत एजेंसियां सक्रिय हैं। एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की सहायता कर रही हैं। एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसिन शहीदी ने कहा कि राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है, लेकिन अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि चक्रवात से प्रभावित लोगों की मदद के लिए टीमें मौके पर मौजूद हैं। राहत अभियान में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ आपात स्थिति से निपटने की तैयारी भी की गई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं। करीब 10 हजार लोगों को इन शिविरों में ठहराया गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियां प्रभावित आबादी तक मदद पहुंचाने में जुटी हैं। फिलहाल राहत एजेंसियों का जोर लोगों की सुरक्षा और किसी भी संभावित नुकसान को रोकने पर है।
आंध्र प्रदेश में 14, पांच राज्यों में कुल 38 टीमें तैनात
चक्रवात से निपटने के लिए एनडीआरएफ ने आंध्र प्रदेश सहित पांच राज्यों में कुल 38 टीमें तैनात की हैं। इनमें से 14 टीमें आंध्र प्रदेश में राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं। डीआईजी मोहसिन शहीदी के अनुसार, प्रभावित तटीय क्षेत्रों में लोगों की सहायता के लिए बल की टीमें लगातार काम कर रही हैं। चक्रवात के असर से प्रभावित करीब 1.75 लाख लोगों तक राहत पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। इसके लिए एनडीआरएफ की टीमों के साथ स्थानीय प्रशासन भी समन्वय कर रहा है। राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोगों को सुरक्षित रखने और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखने का काम जारी है। पांच राज्यों में टीमों की तैनाती का उद्देश्य चक्रवात से जुड़े राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहना है। मौसम की स्थिति के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
देर रात तक गहरे दबाव में बदलने का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात ‘मुरासु’ मंगलवार देर रात तक कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के बीच आंध्र प्रदेश के प्रभावित जिलों में बारिश की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। एनडीआरएफ ने फिलहाल किसी की मौत की सूचना नहीं मिलने की बात कही है। हालांकि, बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने के कारण राहत और बचाव अभियान जारी है। करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और बाकी प्रभावित आबादी तक सहायता पहुंचाने के लिए टीमें तैनात हैं। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और चक्रवात के असर से पैदा होने वाली आपात स्थितियों से निपटना है।


