Nangal Chaudhary : आयुष पोषण जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं को गर्भावस्था में पौष्टिक आहार खाने और योगासन करने का आह्वान, चिकित्सीय परामर्श लेना अनिवार्य
महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देते हुए चिकित्सक ललित मोहन जोशी।
Nangal Chaudhary : राजकीय आयुर्वेद औषधालय नायन के तत्वाधान में सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनवाड़ी केंद्र में आयुष पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ ललित मोहन जोशी ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संतुलित आहार और पोषण के महत्व की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने स्वच्छता व नियमित योगासनों के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक और संतुलित भोजन जच्चा-बच्चा दोनों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। गर्भावस्था के तीनों चरणों के अनुसार खान-पान की जानकारी देते हुए बताया कि पहली तिमाही में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन खाएं।
दूसरी तिमाही में दूध, दाल, हरी सब्जियां तथा गुड़-चना और तीसरी तिमाही में घी, दलिया व मुनक्का जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना लाभकारी है। आयुर्वेद में बताए गए धनिया-मिश्री के पानी, शतावरी और आंवला के महत्व की जानकारी भी दी। साथ ही महिलाओं को मौसम के अनुसार स्थानीय फल और सब्जियों का सेवन करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में मोटा अनाज के पोषण संबंधी लाभों पर फोकस किया। कहा कि बाजरा आयरन का अच्छा स्रोत है, रागी में कैल्शियम पाया जाता है, जबकि ज्वार का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बाजरा खिचड़ी, रागी हलवा और जौ-चना सत्तू जैसी पौष्टिक रेसिपी बनाकर प्रदर्शित कीं।
महिलाओं को घर में किचन गार्डन विकसित करने तथा सप्ताह में कम से कम तीन दिन मोटा अनाज को भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कौशल्या, सुलोचना, कविता, किरण, आशा कार्यकर्ता नीतू, गीता, सुनीता, सुशीला, पुष्पा, अनिल, आजाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं हैं।
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