BJP protest Delhi: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा समेत पार्टी के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। भाजपा ने इस मुद्दे को देशभर में उठाने की तैयारी की है। दिल्ली में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सेना भवन सर्किल के पास, राजा जी मार्ग पर एकत्र होकर कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने वरिष्ठ नेताओं के साथ किया। भाजपा नेताओं ने टिप्पणी को प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अपमानजनक बताते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हर्ष मल्होत्रा को राजा जी मार्ग से हिरासत में लिया। उनके साथ दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष राजेश भाटिया और महासचिव मोहन लाल गिहारा को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस ने अन्य नेताओं को भी अपने साथ लिया और सभी को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचाया।
पटना के कार्यक्रम में बयान के बाद शुरू हुआ विवाद
इस विवाद की शुरुआत बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस टिप्पणी के जवाब में खरगे ने कहा, ‘मोदी के बाप भी चले जाएंगे।’ उनके इस बयान को लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करार दिया और कांग्रेस अध्यक्ष पर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। बयान सामने आने के बाद भाजपा ने इसे केवल राजनीतिक मतभेद का मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली भाषा से जुड़ा मुद्दा बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक दलों के बीच विचारों का विरोध हो सकता है, लेकिन नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
भाजपा का देशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान
खरगे की टिप्पणी के विरोध में भाजपा ने देशभर में प्रदर्शन करने का फैसला किया है। पार्टी ने अपनी राज्य इकाइयों को पार्टी कार्यालयों के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में भाजपा नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस अध्यक्ष के बयान के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। भाजपा का कहना है कि राजनीतिक विरोध के दौरान शब्दों का चयन जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए। पार्टी इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है और इसे प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति असम्मानजनक बता रही है।
वहीं, इस विवाद ने कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। दिल्ली में हिरासत की कार्रवाई और देशभर में प्रदर्शन के ऐलान के बाद आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच बयानबाजी बढ़ने की संभावना है। हालांकि, विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और राजनीतिक असहमति को शांतिपूर्ण तरीके से दर्ज कराना प्रशासन के लिए भी अहम रहेगा।
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