Mallikarjun Kharge statement: बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। रविवार को एक कार्यक्रम में खड़गे ने एक व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में कहा था, “मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।” इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस बयान की आलोचना की और कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग उठाई। मामले में भाजपा की बिहार प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कृष्णा कुमार सिंह ने रविवार रात पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दी।
उन्होंने पुलिस से बयान के वास्तविक शब्दों और संदर्भ की जांच करने के साथ उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल करने की मांग की। पुलिस के मुताबिक, घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र की है, इसलिए शिकायत संबंधित थाने को भेजी जा रही है। बयान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के अन्य नेताओं ने भी नाराजगी जताई। सम्राट चौधरी ने खड़गे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। दूसरी ओर, खड़गे ने उसी कार्यक्रम में भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाए थे।
पटना के कार्यक्रम में क्या हुआ, किस बात पर दिया जवाब?
यह पूरा विवाद पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। खड़गे इस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान श्रोताओं में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। खबरों के मुताबिक, उस व्यक्ति ने कहा कि मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं और जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक मोदी सरकार नहीं हटेगी। इसके जवाब में खड़गे ने कहा, “मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में हंगामे जैसी स्थिति बनी और आयोजकों ने उस व्यक्ति को वहां से हटाया।
रिपोर्टों के अनुसार, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी उस व्यक्ति को बाहर निकालने में मदद की। बाद में उस व्यक्ति ने मीडिया से कहा कि खड़गे उसकी बात को ठीक से समझ नहीं पाए। उसका कहना था कि वह शांत बैठने से मोदी सरकार के नहीं हटने की बात कर रहा था और विपक्ष के नेताओं को यह समझना चाहिए कि सरकार बदलने के लिए राजनीतिक संघर्ष जरूरी है। इस घटना के बाद खड़गे की टिप्पणी राजनीतिक बहस का विषय बन गई। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक भाषा बताया। विवाद के बीच शिकायतकर्ता ने पुलिस से यह भी अनुरोध किया कि बयान को उसके पूरे संदर्भ में देखा जाए और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाए।
कोतवाली थाने में शिकायत, जांच और कार्रवाई की मांग
भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णा कुमार सिंह ने पटना के कोतवाली थाने के थानाध्यक्ष को आवेदन देकर मामले की जांच कराने की मांग की। शिकायत में उन्होंने कहा कि उन्हें टीवी समाचारों के माध्यम से प्रधानमंत्री के पिता के संबंध में कथित अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी की जानकारी मिली, जिससे वे आहत हुए। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में सार्वजनिक मंच से किसी व्यक्ति के परिवार के बारे में अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल को संवेदनशील मामला बताया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में संवाद की मर्यादा और आपसी सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
कृष्णा कुमार सिंह ने पुलिस से संबंधित समाचार रिपोर्ट, वीडियो फुटेज और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि बयान में इस्तेमाल किए गए वास्तविक शब्दों और उनके संदर्भ की पुष्टि की जानी चाहिए। यदि जांच में कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने खड़गे से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग भी की है। हालांकि, शिकायत दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। कोतवाली थाने के एक अधिकारी के मुताबिक, घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र में हुई थी, इसलिए शिकायत वहां स्थानांतरित की जा रही है। फिलहाल शिकायत के आधार पर जांच की प्रक्रिया और पुलिस का अगला कदम मामले की स्थिति स्पष्ट करेंगे।
अमित शाह बोले- कांग्रेस राजनीतिक मर्यादा की सीमाएं पार कर रही
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खड़गे के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी कर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन किया है। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करती रही है। शाह ने अपने बयान में प्रधानमंत्री की मां को लेकर पहले की गई टिप्पणियों, मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहे जाने और उनके साधारण पारिवारिक तथा आर्थिक पृष्ठभूमि को लेकर ‘चायवाला’ कहकर निशाना बनाए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी की भाषा लगातार आक्रामक होती जा रही है। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध के बावजूद सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनी रहनी चाहिए। भाजपा ने इस प्रकरण को प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति कथित अपमानजनक व्यवहार के रूप में उठाया है।
सम्राट चौधरी ने खड़गे और राहुल गांधी से मांगी माफी
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी खड़गे के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के पिता के बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। सम्राट चौधरी के मुताबिक, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से तत्काल माफी मांगने को कहा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी बयान की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और संस्कारहीनता को दर्शाती है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के पिता को लेकर इस तरह की भाषा से बचना चाहिए। भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद यह विवाद केवल खड़गे के बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व की भाषा और राजनीतिक संवाद के स्तर पर बहस में बदल गया। भाजपा ने राहुल गांधी से भी जवाब और माफी की मांग की है।
खड़गे ने नीतीश कुमार, भाजपा-आरएसएस और चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
जिस कार्यक्रम में खड़गे का बयान विवादों में आया, उसमें उन्होंने बिहार के राजनीतिक इतिहास और मौजूदा राजनीति पर भी बात की। उन्होंने बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को आधुनिक बिहार में लोकतंत्र को मजबूत करने वाला नेता बताया। खड़गे ने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह के कार्यकाल में जमींदारी प्रथा समाप्त करने और भूमि सुधार से जुड़े काम किए गए। खड़गे ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार समाजवादी विचारधारा के साथ आगे बढ़े, लेकिन अब भाजपा और आरएसएस के साथ हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विचारधारा से समझौता करने के कारण नीतीश कुमार ने अपनी पुरानी प्रतिबद्धताओं से दूरी बना ली है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरएसएस पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संगठन के लोग शांति भंग करने के लिए जिम्मेदार हैं और आज भी छुआछूत की सोच रखने वाले लोग उसमें मौजूद हैं। ये खड़गे के राजनीतिक आरोप हैं; कार्यक्रम में इन पर भाजपा या आरएसएस की ओर से जवाब दिए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच कथित सांठगांठ का आरोप भी लगाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में कहा कि केंद्र सरकार ने कानून में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे चुनाव आयोग के शीर्ष पद पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही प्रभावित होती है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए। खड़गे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भी भाजपा और केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों के जरिए विपक्ष के समर्थकों के नाम हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस लंबे समय से इस प्रक्रिया पर सवाल उठाती रही है, जबकि इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में पेश करने के लिए संबंधित साक्ष्य और आधिकारिक रिकॉर्ड देखना जरूरी है।
बिहार में पहले भी प्रधानमंत्री की मां को लेकर टिप्पणी पर हुआ था विवाद
बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर टिप्पणी का मामला भी पहले राजनीतिक विवाद का कारण बना था। 27 अगस्त 2025 को दरभंगा में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री की मां को लेकर अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल का मामला सामने आया था। इसके बाद भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किए और बिहार बंद का आह्वान किया था। उस समय पटना में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प तथा कई वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। इस पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए भाजपा नेता मौजूदा विवाद को प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर की गई टिप्पणियों की कड़ी से जोड़ रहे हैं।
हालांकि, दोनों घटनाओं के संदर्भ अलग-अलग हैं और हर मामले में संबंधित बयान, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को अलग से देखना जरूरी है। मौजूदा मामले में खड़गे की टिप्पणी पर भाजपा नेता ने शिकायत दी है और पुलिस से जांच की मांग की है। फिलहाल पटना में खड़गे के बयान को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। शिकायत पर आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी। विवाद के केंद्र में खड़गे की टिप्पणी, उस पर भाजपा की आपत्ति और कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण में केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए आरोप हैं।

