पटियाला की चितकारा यूनिवर्सिटी में हंगामे पर महिला आयोग सख्त, छात्राओं की सुरक्षा पर मांगा जवाब
चितकारा यूनिवर्सिटी में हंगामे पर महिला आयोग सख्त
Chitkara University: पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में छात्राओं से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट और विरोध प्रदर्शन के मामले में पंजाब राज्य महिला आयोग ने कार्रवाई की है। आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पटियाला के डिप्टी कमिश्नर (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों से 30 सितंबर 2026 तक पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। यूनिवर्सिटी में 25 और 26 सितंबर की रात सोशल मीडिया पर हॉस्टल में भूत होने, छात्राओं के आत्महत्या करने और कुछ छात्राओं के लापता होने जैसी खबरें वायरल हुई थीं।
इन खबरों के बाद सैकड़ों छात्र-छात्राएं आधी रात को हॉस्टल से बाहर निकल आए और कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। महिला आयोग ने प्रशासन से चार प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा है। इनमें पुलिस को मिली शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई, कैंपस व हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था, वायरल खबरों की जांच और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए किए जा रहे उपाय शामिल हैं।
महिला आयोग ने चार बिंदुओं पर मांगा जवाब
पंजाब राज्य महिला आयोग ने DC और SSP से पूछा है कि क्या यूनिवर्सिटी के कैंपस या हॉस्टल से किसी छात्रा के लापता होने, घायल होने या किसी अप्रिय घटना की शिकायत पुलिस को मिली है। यदि ऐसी कोई शिकायत दर्ज हुई है, तो उसकी कॉपी और अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा भी मांगा गया है। आयोग ने यूनिवर्सिटी परिसर और हॉस्टल में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी जानकारी मांगी है। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई थीं। आयोग जानना चाहता है कि इन चिंताओं को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने क्या व्यवस्था की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों, वीडियो और अफवाहों की जांच को लेकर भी आयोग ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को बताना होगा कि इन दावों की सच्चाई पता लगाने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है और जांच कहां तक पहुंची है। आयोग ने अफवाहों के स्रोत से जुड़ी जानकारी भी मांगी है। इसके अलावा, आयोग ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा होने से रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों का ब्योरा मांगा है। इसमें छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिसर में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए बनाई गई योजना की जानकारी शामिल है।
आधी रात को हॉस्टल से बाहर निकले छात्र
चितकारा यूनिवर्सिटी में 25-26 सितंबर 2026 की रात सोशल मीडिया पर कई तरह की अपुष्ट खबरें वायरल हुई थीं। इनमें हॉस्टल में भूत होने, छात्राओं के आत्महत्या करने और कुछ छात्राओं के लापता होने के दावे किए गए थे। इन खबरों के बाद सैकड़ों छात्र-छात्राएं आधी रात को हॉस्टल से बाहर आ गए और कैंपस में विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर फैली खबरों के कारण परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रा की मृत्यु और आत्महत्या से जुड़े दावों को खारिज करते हुए उन्हें अफवाह बताया।
महिला आयोग ने पटियाला के DC और SSP से 30 सितंबर 2026 तक रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट में शिकायतों, पुलिस की कार्रवाई, वायरल खबरों की जांच और यूनिवर्सिटी में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी देनी होगी। आयोग के नोटिस के बाद अब जिला प्रशासन और पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्राओं से जुड़ी वायरल खबरों के संबंध में कोई शिकायत दर्ज हुई थी या नहीं और पुलिस ने उसकी जांच में क्या कार्रवाई की है।
