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Commercial LPG Price Hike Kurukshetra: कुरुक्षेत्र में बाहर खाना हुआ महंगा! कमर्शियल गैस के दाम बढ़ते ही ढाबा और रेहड़ी संचालकों ने बढ़ाई कीमतें

GGaganpreet Kaur
कुरुक्षेत्र में बाहर खाना हुआ महंगा! कमर्शियल गैस के दाम बढ़ते ही ढाबा और रेहड़ी संचालकों ने बढ़ाई कीमतें
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कुरुक्षेत्र (जग मार्ग)। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में अब बाहर खाना आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाला है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी ने शहर के ढाबा, रेहड़ी-फड़ी और कैंटीन कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि लागत और कमाई के बीच का संतुलन बिगड़ने से अब संचालकों ने खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाने का मन बना लिया है।

सिलेंडर के दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट

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व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दामों में ₹993 और छोटे सिलेंडर में ₹261 की हालिया बढ़ोतरी ने छोटे उद्यमियों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। ढाबा संचालकों का कहना है कि एक तरफ तो कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है, दूसरी तरफ आसमान छूते दामों ने मुनाफा खत्म कर दिया है। अब इस बढ़ी हुई लागत का सीधा बोझ आम ग्राहकों की थाली पर पड़ना तय माना जा रहा है।

मजबूरी में ‘घरेलू गैस’ का सहारा

शहर की फास्ट फूड मार्केट और ब्रह्मसरोवर के पास रेहड़ी लगाने वाले छोटे दुकानदारों की स्थिति और भी विकट है। फास्ट फूड संचालक सुखविंदर ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया, “आज ही सिलेंडर भरवाकर लाया हूँ, दाम सुनकर होश उड़ गए। कमर्शियल सिलेंडर इतना महंगा पड़ रहा है कि खर्च निकालना मुश्किल है। मजबूरी में घरेलू सिलेंडर से काम चलाना पड़ रहा है, लेकिन वहां भी रिस्क और वेटिंग दोनों ज्यादा हैं।”

इसी तरह इडली-सांभर बेचने वाले तमिल कुशल ने बताया कि काफी जद्दोजहद के बाद उन्हें सिलेंडर मिल पाया है। उन्होंने कहा, “मसाले और तेल पहले ही महंगे थे, अब गैस के दामों ने रही-सही कसर पूरी कर दी है। अगर हम इडली-सांभर की प्लेट के दाम नहीं बढ़ाएंगे, तो घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो जाएगा।”

जल्द तय होगी नई ‘रेट लिस्ट’

ब्रह्मसरोवर मार्ग पर ढाबा चलाने वाले नितेश सांडिल्य के मुताबिक, बाजार में गैस की मारामारी है। कमर्शियल गैस न मिलने या महंगी होने के कारण कई लोग घरेलू सिलेंडरों पर निर्भर हैं, लेकिन वहां भी एक-एक महीने की वेटिंग चल रही है। उन्होंने संकेत दिया कि शहर के ढाबा संचालक जल्द ही आपस में बैठक कर खाने की नई दरें तय कर सकते हैं। फिलहाल, धर्मनगरी में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय कामकाजी लोगों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन गैस की किल्लत और इस बढ़ती महंगाई के बीच छोटे कारोबारियों को क्या राहत देता है।

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