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पंजाब के आर्म्स लाइसेंस होल्डर्स के लिए चंडीगढ़ में अलग परमिशन की शर्त खत्म करने की उठी मांग

JJagmarg Desk
पंजाब के आर्म्स लाइसेंस होल्डर्स के लिए चंडीगढ़ में अलग परमिशन की शर्त खत्म करने की उठी मांग
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फरीदकोट: पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने पंजाब के लोगों की एडमिनिस्ट्रेटिव दिक्कतों को हल करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। स्पीकर संधवा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेटर लिखकर मांग की है कि केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को पंजाब के लोगों को जारी किए जाने वाले आर्म्स लाइसेंस के टेरिटोरियल जूरिस्डिक्शन में ऑटोमैटिकली शामिल किया जाए।

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ब्यूरोक्रेटिक देरी और दिक्कतें खत्म होंगी

अमित शाह को लिखे लेटर में स्पीकर ने बताया कि मौजूदा नियमों के मुताबिक, पंजाब के लोगों को चंडीगढ़ में अपने लाइसेंसी हथियार ले जाने के लिए अलग से अप्रूवल या ‘एंडोर्समेंट’ लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह प्रोसेस न सिर्फ मुश्किल है बल्कि इससे बेवजह ब्यूरोक्रेटिक देरी भी होती है, जिससे आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है, सहयोग होना चाहिए

संधवा ने अपने लेटर में तर्क दिया कि चूंकि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी और राज्य का मुख्य एडमिनिस्ट्रेटिव सेंटर है, इसलिए पंजाब के लोग रोज़ाना यहां आते-जाते हैं। कई लोग सरकारी काम या पर्सनल कामों की वजह से चंडीगढ़ में रहते हैं। ऐसे में, पंजाब के लाइसेंस पर चंडीगढ़ को ऑटोमैटिक मान्यता देना एक लॉजिकल और प्रैक्टिकल कदम होगा। उन्होंने कहा, “मैं केंद्रीय गृह मंत्रालय से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि आर्म्स एक्ट के नियमों में ज़रूरी बदलाव करें या संबंधित अधिकारियों को नई गाइडलाइंस जारी करें ताकि नागरिकों के लिए यह प्रोसेस आसान हो सके।” इस लेटर में उम्मीद जताई गई है कि अगर केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मान लेती है, तो हजारों पंजाबी निवासियों को राजधानी में हथियार रखने के दौरान होने वाली कानूनी परेशानियों से बड़ी राहत मिलेगी।

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