Baba Farid Agaman Parv 2026 : फरीदकोट में बाबा फरीद आगमन पर्व की दूसरी शाम रही रूहानी, कथा और कीर्तन से गूंजा टिल्ला साहिब
फरीदकोट में बाबा फरीद आगमन पर्व की दूसरी शाम रही रूहानी, कथा और कीर्तन से गूंजा टिल्ला साहिब
Baba Farid Agaman Parv 2026 : ऐतिहासिक नगरी फरीदकोट इन दिनों पूरी तरह से रूहानी रंगों में रंगी हुई है। मौका है बाबा फरीद जी की पवित्र पावन स्मृति को समर्पित आगमन पर्व 2026 का, जिसके तहत इन दिनों शहर में एक से बढ़कर एक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पर्व की दूसरी शाम को टिल्ला बाबा फरीद में सजा कथा और कीर्तन दरबार ऐसा मनमोहक केंद्र बना, जहां पहुंचते ही भक्तों का मन श्रद्धा से भर गया। बाबा फरीद धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों के अध्यक्ष श्री सिमरजीत सिंह सेखों की देखरेख में आयोजित इस समागम में शिरकत करने के लिए दूर-दराज से भारी संख्या में संगत पहुंची थी।
ज्ञानी किशन सिंह के प्रवचनों से सराबोर हुई संगत
शाम के इस पावन कार्यक्रम की शुरुआत श्री अमृतसर साहिब से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक ज्ञानी किशन सिंह जी के प्रवचनों से हुई। उन्होंने अपनी ओजस्वी और मधुर वाणी से संगत को गुरु इतिहास और बाबा फरीद जी की महान जीवन शैली से रूबरू कराया। ज्ञानी किशन सिंह जी ने विशेष तौर पर जोर देकर कहा कि बाबा फरीद जी की बाणी में जो सब्र, नम्रता, सेवा और इंसानियत का संदेश मिलता है, उसे हमें अपने दैनिक जीवन में जरूर उतारना चाहिए। उनके इन रूहानी विचारों को सुनकर पंडाल में मौजूद हर एक शख्स भावविभोर नजर आया।
रागी जत्थे की सुरीली धुनों से गूंजा दरबार
कथा के तुरंत बाद सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी भाई सुरिंदर सिंह जी के जत्थे ने जब मंच संभाला, तो पूरा वातावरण गुरु की महिमा से गूंज उठा। जत्थे द्वारा गाए गए एक से बढ़कर एक दिव्य गुरबानी शब्दों ने ऐसा समां बांधा कि हर आंख बंद और हाथ प्रार्थना की मुद्रा में जुड़ गए। मधुर संगीत और सात्विक स्वरों के संगम ने टिल्ला बाबा फरीद के प्रांगण को पूरी तरह भक्ति के सरोबार में डुबो दिया। इस दौरान पहुंचे तमाम भक्तों ने पलकें बिछाकर इस पावन कीर्तन का भरपूर आनंद लिया और गुरु चरणों में अपनी हाजिरी लगाई।
आगे के आयोजनों की रूपरेखा और विशेष अपील
आने वाले कार्यक्रमों के बारे में जानकारी साझा करते हुए संस्था के अध्यक्ष सरदार सिमरजीत सिंह सेखों ने बताया कि आगमन पर्व के सिलसिले में आगे भी कई बड़े समागम होने हैं। इसके तहत 21 सितंबर को विशेष कथा और कीर्तन समागम के बाद, आज यानी 22 सितंबर को गुरुद्वारा गोदरी साहिब में शाम 7:00 बजे से 9:00 बजे तक एक और खास कीर्तन दरबार सजेगा।
उन्होंने फरीदकोट वासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से इन कार्यक्रमों में परिवार सहित पहुंचने की अपील की है। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान चरणजीत सिंह सेखों, सुरिंदर सिंह रोमाना, दीपिंदर सिंह सेखों, गुरजाप सिंह सेखों, राजपाल कौर सेखों, डॉ. गुरिंदर मोहन सिंह, कुलजीत सिंह मौगियां और नरिंदर पाल सिंह बराड़ समेत कई गणमान्य लोग भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
Punjab Weather Update : पंजाब से मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू, इस बार 39 प्रतिशत कम बरसे बदरा
