EOU Munger raid: बिहार के मुंगेर में जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता सह जिला अभियंता नारद कुमार दास के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज करने के बाद जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने गुरुवार तड़के मुंगेर, भागलपुर, पटना और मुजफ्फरपुर में उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
ईओयू को गोपनीय जांच के दौरान उनकी ज्ञात आय और कथित तौर पर अर्जित संपत्ति के बीच अंतर मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। विशेष निगरानी अदालत, पटना से सर्च वारंट मिलने के बाद टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। ईओयू कांड संख्या 28/26 के तहत दर्ज मामले में शुरुआती जांच के आधार पर 83 लाख 53 हजार 200 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है। एजेंसी के मुताबिक, यह रकम उनकी ज्ञात आय से करीब 64.93 प्रतिशत अधिक है। नारद कुमार दास वर्ष 2024 से मुंगेर में पदस्थापित हैं। जिला परिषद और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के साथ सांसद-विधायक निधि तथा पंचायत सरकार भवनों के निर्माण जैसे कार्यों में उनकी प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां थीं। जांच एजेंसी अब उनकी संपत्ति, बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
तड़के पांच बजे शुरू हुई कार्रवाई, चार शहरों में खंगाले गए ठिकाने
ईओयू की टीमों ने गुरुवार सुबह करीब पांच बजे भागलपुर के तिलकामांझी स्थित हनुमान पथ के निजी आवास पर छापेमारी शुरू की। इसके बाद सुबह करीब आठ बजे मुंगेर के बेलन बाजार स्थित बंगाली टोला के किराए के मकान और उनके कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया गया। डीएसपी निलाभ कृष्ण और डीएसपी चौधरी के नेतृत्व में टीमों ने दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। इसके अलावा पटना के रूपसपुर स्थित कुसुमपुरम और मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर इलाके में राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 2-एफ में भी तलाशी ली गई। अलग-अलग ठिकानों से जमीन और भूखंडों से जुड़े कागजात, बैंक खातों के दस्तावेज तथा बीमा पॉलिसियों के बांड बरामद किए गए हैं। भागलपुर स्थित आवास से मिले जमीन के दस्तावेजों और बीमा से जुड़े रिकॉर्ड को भी जांच में शामिल किया गया है। एजेंसी इन दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति के स्रोत और निवेश की जानकारी जुटा रही है।
किराए के मकान से सोने-चांदी के बर्तन और जेवरात बरामद
मुंगेर के बेलन बाजार स्थित किराए के मकान की तलाशी के दौरान ईओयू को सोने के आभूषण और चांदी के कई कीमती सामान मिले। इनमें चांदी की थाली, कटोरा और परात के साथ अन्य जेवरात शामिल हैं। बरामद गहनों की शुद्धता और वजन की जांच के लिए टीम ने मौके पर स्थानीय स्वर्णकार को बुलाया। उससे आभूषणों की तौल कराई गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नारद कुमार दास पिछले करीब दो वर्षों से इस किराए के मकान में रह रहे थे। पड़ोसियों ने उनके रहन-सहन को सामान्य बताया। छापेमारी के दौरान कीमती आभूषण और बर्तन मिलने के बाद इलाके में इस कार्रवाई की चर्चा शुरू हो गई।
विभागीय संवेदकों ने आरोप लगाया है कि विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों के भुगतान के बदले 10 प्रतिशत कमीशन तय रहता था। कुछ संवेदकों ने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर और काम का आवंटन चुनिंदा ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर किया जाता था। हालांकि, ये आरोप संवेदकों के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ईओयू की मौजूदा कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज केस और तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों पर आधारित है। जांच एजेंसी अब बरामद दस्तावेजों, जमीन के कागजात, बीमा पॉलिसियों और बैंक खातों की जानकारी का मिलान कर रही है। इसके साथ ही संपत्ति के वास्तविक स्वामित्व और निवेश के स्रोत की भी जांच की जाएगी। आगे की कार्रवाई तलाशी में मिले साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

