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फरीदकोट: आप नेता अर्श सच्चर ने किकी ढिल्लों का चैलेंज स्वीकार किया, आरटीआई के ज़रिए 16 साल का रिकॉर्ड मांगा

VVinita Kohli
फरीदकोट: आप नेता अर्श सच्चर ने किकी ढिल्लों का चैलेंज स्वीकार किया, आरटीआई के ज़रिए 16 साल का रिकॉर्ड मांगा
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फरीदकोट: फरीदकोट की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया जब आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और समाजसेवी अर्श सच्चर ने पूर्व एमएलए कुशलदीप सिंह (किकी) ढिल्लों का दिया गया पब्लिक चैलेंज स्वीकार कर लिया। सच्चर ने ऐलान किया है कि वह इस चैलेंज का जवाब हवा में नहीं, बल्कि आरटीआई (सूचना का अधिकार) से मिले सरकारी फैक्ट्स और आंकड़ों के आधार पर देंगे।

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2009 से 2025 तक का अकाउंट खोला जाएगा

अर्श सच्चर ने कहा कि उन्होंने आरटीआई के ज़रिए फरीदकोट विधानसभा क्षेत्र के 2009 से 2025 तक के विकास कामों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। उन्होंने साफ किया कि यह कोई ब्लेम गेम नहीं है, बल्कि डेमोक्रेसी में ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी बनाने का एक प्रोसेस है। 

इन बड़े डिपार्टमेंट से मांगी गई जानकारी

अर्श सच्चर ने एडमिनिस्ट्रेशन के अलग-अलग डिपार्टमेंट से डेटा मांगा है, जिनमें मुख्य हैं

म्युनिसिपल काउंसिल-फंड के सोर्स, सैनिटेशन और सीवरेज पर खर्च और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट।

-पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर ): सड़क की मरम्मत, कुल लंबाई और मंज़ूर रकम के मुकाबले असल खर्च।

-हेल्थ और एजुकेशन-हॉस्पिटल की हालत, स्कूलों का स्ट्रक्चर, मेडिकल सुविधाओं का बजट और डेटा।

-लॉ एंड ऑर्डर-पिछले सालों में दर्ज एफआईआर, ड्रग ट्रैफिकिंग (एनडीपीएस) और दूसरे क्राइम का स्टेटस।

“आरटीआई तय करेगी, बयान नहीं”

मीडिया से बात करते हुए अर्श सच्चर ने कहा कि जनता के पैसे का पब्लिक अकाउंट होना चाहिए। “एक बार आरटीआई से सारी जानकारी मिल जाने के बाद, हम ‘फरीदकोट डेवलपमेंट रिपोर्ट कार्ड’ पब्लिक करेंगे।” उन्होंने पूर्व एमएलए किकी ढिल्लों और अकाली दल के चुनाव क्षेत्र इंचार्ज बंटी रोमाना से खुली अपील करते हुए कहा कि वह फैक्ट्स पर आधारित एक अच्छी और डेमोक्रेटिक चर्चा के लिए हमेशा तैयार हैं। सच्चर के अनुसार, उनके अभियान का मकसद केवल लोगों तक सच्चाई पहुंचाना है।

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