Faridkot Farmers Protest : पंजाब के फरीदकोट से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां जेल में बंद किसानों की बदहाली को लेकर किसान संगठनों और पंजाब सरकार के बीच टकराव तीखा हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के राष्ट्रीय संयोजक और बीकेयू (एकता सिद्धूपुर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने राज्य की भगवंत मान सरकार पर जेल में बंद आंदोलनकारियों के संवैधानिक और मानवाधिकारों के हनन का सीधा आरोप लगाया है।
लैंड मॉर्गेज बैंकों की कथित धक्केशाही के खिलाफ जारी फरीदकोट मोर्चे की ओर से जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत गिरफ्तार किए गए किसानों को फरीदकोट जेल में अमानवीय परिस्थितियों में रखा जा रहा है।
इलाज के अभाव में बिगड़ी काका सिंह कोटरा की तबीयत, 6 अन्य किसान भी बीमार
डल्लेवाल ने बताया कि 29 अगस्त से शुरू हुए आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए बीकेयू (एकता सिद्धूपुर) के प्रांतीय महासचिव काका सिंह कोटरा पिछले तीन दिनों से जेल में गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे।
समय पर डॉक्टरी सहायता न मिलने के कारण जब उनकी हालत अधिक बिगड़ गई, तब जाकर जेल प्रशासन की नींद खुली और उन्हें फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसके अलावा, जेल परिसर में दूषित पानी की आपूर्ति और आवश्यक दवाओं की किल्लत की वजह से कम से कम 6 अन्य किसान भी बीमार पड़ चुके हैं, लेकिन प्रशासन उनके इलाज को लेकर ढिलाई बरत रहा है।
अपनी ही पार्टी के विधायक के गंदे पानी का मुद्दा उठाने पर भी बेपरवाह सरकार
किसान नेता ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के ही एक विधायक ने हाल ही में पंजाब विधानसभा में जेलों के अंदर मिल रहे गंदे पानी का मुद्दा उठाया था, मगर इसके बावजूद सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
जेलों के भीतर बंद किसानों के लिए साफ पीने का पानी, जरूरी दवाएं और परिजनों से मुलाकात जैसी बुनियादी मांगें पूरी न होने से खफा किसानों ने बुधवार को फरीदकोट में मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
डल्लेवाल ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि मान सरकार ने किसानों के मौलिक अधिकारों से खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो किसान जत्थेबंदियां आने वाले दिनों में और कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगी।
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