फरीदकोट (Faridkot News): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ अभियान को जमीन पर उतारते हुए फरीदकोट पुलिस ने जिले में नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाया है। एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन की सीधी देखरेख में शुरू किए गए इस अभियान के तहत जिले के संदिग्ध ठिकानों और संवेदनशील इलाकों की बारीकी से घेराबंदी कर तलाशी ली गई। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य नशे के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना और तस्करों के मन में कानून का खौफ पैदा करना है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के दिशा-निर्देशों पर यह व्यापक सर्च ऑपरेशन जिले के तीनों सब-डिवीजन में एक साथ शुरू किया गया। ऑपरेशन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें खुद गजेटेड अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। एसपी (लोकल) मनविंदरबीर सिंह और एसपी (पीबीआई और एनडीपीएस) रमनदीप सिंह की निगरानी में डीएसपी रैंक के अधिकारियों ने 150 पुलिस जवानों की भारी टीम के साथ नशे के चिन्हित हॉटस्पॉट इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया। इस दौरान आने-जाने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की सघन तलाशी ली गई।
इस विशेष मुहिम के दौरान पुलिस का मुख्य फोकस उन पुराने तस्करों पर रहा, जिनके खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन ने बताया कि पुलिस टीम ने इन तस्करों के घरों और संभावित ठिकानों पर अचानक छापेमारी की, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने न केवल इलाकों की घेराबंदी की, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों में शामिल कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है।
1450 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा
मार्च 2025 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो फरीदकोट पुलिस ने नशे के खिलाफ चल रही इस जंग में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इस अवधि के दौरान पुलिस ने कुल 948 मामले दर्ज कर 1450 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है।
बरामदगी के मोर्चे पर भी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, जिसमें 31 किलोग्राम हेरोइन, 7 किलोग्राम अफीम, 20 क्विंटल पोस्त और लगभग 21 हजार नशीली गोलियां शामिल हैं। पुलिस ने न केवल नशा पकड़ा है, बल्कि तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ते हुए 15 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की और पिछले 15 महीनों में तस्करों की लगभग 9 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज करने की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस का अंतिम लक्ष्य जिले से नशे को जड़ से खत्म करना- एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन
एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन ने इस ऑपरेशन पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि पुलिस का अंतिम लक्ष्य जिले से नशे को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां एक ओर तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करा रही है ताकि उन्हें एक नई और बेहतर जिंदगी मिल सके। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पकड़े गए सभी मामलों की गहराई से जांच की जा रही है ताकि नशे की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके।

