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Kurukshetra Agricultural News: लाडवा-बाबैन के किसानों ने की मुख्यमंत्री नायब सैनी की तारीफ, कृषि क्षेत्र में लिए बड़े फैसले

GGaganpreet Kaur
लाडवा-बाबैन के किसानों ने की मुख्यमंत्री नायब सैनी की तारीफ, कृषि क्षेत्र में लिए बड़े फैसले
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लाडवा (कैलाश गोयल) चुनावी सरगर्मियों और खेती-किसानी के बदलते समीकरणों के बीच हरियाणा की भाजपा सरकार ने सूबे के अन्नदाताओं को एक बड़ी आर्थिक राहत दी है। सरकार द्वारा सूरजमुखी के दामों में की गई बढ़ोतरी और आलू की खेती करने वाले किसानों को ‘भावांतर भरपाई योजना’ के दायरे में लाकर उनके नुकसान की भरपाई करने के फैसले से किसान वर्ग में उत्साह का माहौल है। बाबैन और लाडवा अंचल के तमाम छोटे-बड़े काश्तकारों और प्रगतिशील किसानों ने मुख्यमंत्री निवास से आए इस फैसले की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद किया है।

नकदी फसलों को मिला संबल, सीधे खाते में पहुंचेगा लाभ

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क्षेत्र के जाने-माने प्रगतिशील किसान डिंपल सैनी, सुभाष कसीथल और तरसेम राय ने इस सरकारी फैसले पर अपनी राय रखते हुए कहा कि आलू और सूरजमुखी जैसी नकदी फसलें (कैश क्रॉप्स) हमेशा से जोखिम भरी रही हैं। अक्सर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण किसानों को लागत तक नसीब नहीं होती थी।

किसानों ने इस नीतिगत बदलाव का स्वागत करते हुए कहा:

“मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह फैसला सीधे तौर पर उन किसानों के लिए संजीवनी का काम करेगा जो पारंपरिक गेहूं-धान के चक्र से निकलकर बागवानी और तिलहन की खेती कर रहे हैं। सूरजमुखी का रेट बढ़ने से जहां सीधे मंडियों में बेहतर दाम मिलेंगे, वहीं आलू के बाजार भाव और न्यूनतम तय कीमत के अंतर की राशि ‘भावांतर भरपाई’ के रूप में सीधे किसानों के बैंक खातों में जाएगी। इससे हमारी आय में न सिर्फ स्थिरता आएगी बल्कि बढ़ोतरी भी दर्ज होगी।”

एमएसपी पर 24 फसलें खरीदने वाला पहला राज्य बना हरियाणा

इस मौके पर किसान नेताओं ने एक बड़ा तथ्य सामने रखते हुए कहा कि हरियाणा आज पूरे देश में कृषि सुधारों और खरीद के मामले में रोल मॉडल बनकर उभरा है। यह देश का पहला ऐसा राज्य है जहां सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए 24 से अधिक फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। डिंपल सैनी के अनुसार, ऐसे फैसलों से आम किसान का व्यवस्था और सरकार पर भरोसा बहाल होता है, जिससे वह अगली फसल के लिए दोगुने उत्साह के साथ खेत में उतरता है।

कृषि को घाटे से उबारने की कोशिश: सुभाष कसीथल

वहीं, किसान सुभाष कसीथल ने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए समय पर सही नीतियां बनाना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा राज्य सरकार भविष्य में भी खाद, बीज, सिंचाई और फसलों की समयबद्ध खरीद से जुड़ी किसानों की अन्य समस्याओं का समाधान इसी तत्परता से करती रहेगी। कसीथल ने कहा कि सूरजमुखी और आलू को लेकर जो सौगात मिली है, उससे लाडवा और बाबैन बेल्ट के हजारों किसान परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। इस धन्यवाद कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के अनेक किसानों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के इस किसान-हितैषी कदम का तालियां बजाकर स्वागत किया।

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