कुरुक्षेत्र। धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की इच्छा रखने वाले हरियाणा के बुजुर्गों के लिए प्रदेश सरकार एक बड़ा तोहफा लेकर आई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत आगामी 8 जून को सूबे के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पवित्र सोमनाथ मंदिर के वास्ते एक विशेष ट्रेन रवाना होने जा रही है। कुरुक्षेत्र की पावन भूमि से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद इस आस्था स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर गुजरात के लिए रवाना करेंगे। इस पहल से उन बुजुर्गों का सपना साकार होगा जो आर्थिक तंगी के चलते अब तक ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर पाए थे।
ऐतिहासिक पर्व के साक्षी बनेंगे हरियाणा के श्रद्धालु
कुरुक्षेत्र के जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (DIPRO) दिनेश कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत 1000 वर्ष की अखंड आस्था और मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में इस विशेष यात्रा का खाका तैयार किया गया है। सूबे के गरीब और जरूरतमंद बुजुर्गों को इस पावन पाटोत्सव का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के टिकट से लेकर रहने और खाने-पीने की तमाम व्यवस्थाएं हरियाणा सरकार द्वारा मुफ्त की जाएंगी।
‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर होगा सीटों का आवंटन
प्रशासन के मुताबिक, यात्रा का लाभ उठाने के लिए इच्छुक श्रद्धालुओं के पास 6 जून तक आवेदन करने का समय है। ट्रेन में सीटों का आवंटन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा, इसलिए देरी करने वाले इस मौके से चूक सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद सभी आवेदकों को 6 जून की शाम तक अपने-अपने जिले के लघु सचिवालय (सचिवालय भवन) स्थित डीआईपीआरओ कार्यालय में अपनी फाइल और दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
कौन ले सकता है योजना का लाभ, क्या हैं मुख्य शर्तें?
इस निशुल्क यात्रा का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ कड़े और पारदर्शी नियम तय किए हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। इसके साथ ही, परिवार पहचान पत्र (Family ID) में परिवार की कुल वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना के तहत यदि कोई बुजुर्ग पुरुष या महिला पात्र पाई जाती है, तो वे अपने जीवनसाथी (पति/पत्नी) को भी इस यात्रा पर साथ ले जा सकते हैं, उनका खर्च भी सरकार ही उठाएगी।
इन दस्तावेजों के बिना नहीं मिलेगी ट्रेन में एंट्री
सफर को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए श्रद्धालुओं को पंजीकरण के समय कुछ जरूरी कागजात अपलोड करने होंगे। आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र और एक वैध सरकारी फोटो पहचान पत्र (जैसे वोटर कार्ड या अन्य मान्य दस्तावेज) होना अनिवार्य है। इसके अलावा, लंबी दूरी की यात्रा को देखते हुए किसी रजिस्टर्ड सरकारी डॉक्टर द्वारा प्रमाणित हेल्थ सर्टिफिकेट (मेडिकल प्रमाण-पत्र) भी जरूरी किया गया है। साथ ही, आवेदक को एक स्व-घोषणा पत्र देना होगा कि उसने पिछले 3 वर्षों के भीतर सरकार की इस मुफ्त तीर्थ योजना का लाभ नहीं लिया है।

