Haryana Weather: मंगलवार शाम से सक्रिय हुए मजबूत पश्चिमी विक्षोभ ने पूरे हरियाणा के मौसम की रंगत बदल दी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। खासकर अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे जिलों में मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया गया है। अचानक आई इस तब्दीली से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कृषि क्षेत्र पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
पंचकूला में ओलावृष्टि, 50 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
बदले हुए घटनाक्रम के बीच मंगलवार देर रात पंचकूला और आसपास के इलाकों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ-साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई। सोनीपत और पानीपत में भी आधी रात को धूलभरी हवाओं के साथ बारिश की बौछारें पड़ीं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अलर्ट वाले जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की आशंका है। सुरक्षा के मद्देनजर मौसम विभाग ने बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है।
यमुनानगर मंडी में खुले में भीगा धान, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
मौसम के इस रुख ने सबसे बड़ा झटका प्रदेश के किसानों और मंडी व्यापारियों को दिया है। यमुनानगर की अनाज मंडी में आवक के लिए खुले में रखी सैकड़ों क्विंटल धान की फसल और ट्रॉलियों में लदी उपज अचानक हुई बारिश में भीग गई। मंडी में तिरपाल और ढकने के माकूल इंतजाम न होने से आढ़तियों में हड़कंप मच गया। ऐन कटाई और खरीद के सीजन में बारिश से धान में नमी का स्तर बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे सरकारी खरीद अटक सकती है।
12 अक्टूबर तक लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ दिखाएंगे असर
मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, इस बार एक के बाद एक लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ (Back-to-Back Western Disturbances) उत्तर भारत में दस्तक दे रहे हैं। इसी वजह से 12 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में रुक-रुककर मौसम खराब बना रहेगा। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती मंडियों में पड़ी खुले धान की फसल को बचाना और खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखना होगी। हालांकि, पश्चिमी हरियाणा के सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद, कैथल, भिवानी और रोहतक जैसे जिलों में आंशिक रूप से मौसम साफ रहने की उम्मीद जताई गई है।
तापमान का पारा चढ़ा, हिसार रहा 38.1 डिग्री के साथ सबसे गर्म
बारिश के अलर्ट के बावजूद बीते 24 घंटों में दिन के तापमान में कोई खास बड़ी गिरावट नहीं देखी गई। मंगलवार को प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जिसमें हिसार 38.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी में भी पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। रात के तापमान की बात करें तो गुरुग्राम 20 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया।

