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ट्रेन से सफर में बीच में रुक सकते हैं, जानिए रेलवे का ब्रेक जर्नी नियम

AAmit Gupta
ट्रेन से सफर में बीच में रुक सकते हैं, जानिए रेलवे का ब्रेक जर्नी नियम
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लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने ब्रेक जर्नी का विकल्प दिया है। इस नियम के तहत यात्री अपनी यात्रा के दौरान किसी स्टेशन पर उतरकर कुछ समय बिता सकता है और फिर उसी टिकट से आगे का सफर जारी रख सकता है।

हालांकि यह सुविधा तभी मिलती है जब यात्री तय नियमों का सही तरीके से पालन करे, वरना जुर्माना लग सकता है।

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500 किमी से कम दूरी पर नहीं मिलेगी सुविधा

ब्रेक जर्नी का फायदा केवल उन्हीं यात्रियों को मिलता है जिनका टिकट 500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी का हो। इतना ही नहीं, पहली बार ब्रेक लेने के लिए कम से कम 500 किमी की यात्रा पूरी करना जरूरी है।

यानी अगर आपका टिकट 500 किमी से कम का है या आप इससे पहले रुकना चाहते हैं, तो यह नियम लागू नहीं होगा।

कितनी बार ले सकते हैं ब्रेक, क्या है लिमिट

अगर आपके टिकट की दूरी 1000 किमी तक है तो आप केवल एक बार ब्रेक जर्नी ले सकते हैं। वहीं, 1000 किमी से ज्यादा दूरी वाले टिकट पर अधिकतम दो बार यह सुविधा मिलती है।

हर ब्रेक के दौरान आप किसी स्टेशन पर अधिकतम 2 दिन रुक सकते हैं, जिसमें आगमन और प्रस्थान का दिन शामिल नहीं होता।

उदाहरण से समझें पूरा नियम

मान लीजिए आपके पास 600 किमी का टिकट है और आप 501 किमी के बाद रुकते हैं, तो यह मान्य होगा। लेकिन 800 किमी के टिकट पर 423 किमी पर रुकना नियम के खिलाफ है।

अगर आपका टिकट 2000 किमी का है, तो आप अपनी पसंद के दो अलग-अलग स्टेशनों पर ब्रेक लेकर यात्रा को हिस्सों में पूरा कर सकते हैं।

इन ट्रेनों में नहीं मिलेगा फायदा

कुछ प्रीमियम ट्रेनों जैसे राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस में ब्रेक जर्नी की सुविधा नहीं दी जाती। इनका किराया पॉइंट-टू-पॉइंट तय होता है, इसलिए बीच में रुकने की अनुमति नहीं होती।

स्टेशन पर स्टांप जरूरी, वरना जुर्माना

अगर आप बीच सफर में उतरते हैं तो जिस स्टेशन पर रुक रहे हैं वहां स्टेशन मास्टर से टिकट पर स्टांप और हस्ताक्षर जरूर करवाएं।

ऐसा नहीं करने पर आपको बिना टिकट यात्री माना जा सकता है और जुर्माना भरना पड़ सकता है।

आम यात्रियों के लिए क्या मायने

यह नियम उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो एक ही टिकट में कई शहर घूमना चाहते हैं। इससे यात्रा का खर्च कम होता है और प्लानिंग आसान हो जाती है।

लेकिन नियमों की जानकारी न होने पर फायदा मिलने की जगह नुकसान भी हो सकता है, इसलिए सफर से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है।

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