Jhota Murder Case: पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को एक्शन कमेटी और विशेष जांच टीम (SIT) के बीच बैठक हुई। इसमें परिवार और एक्शन कमेटी की ओर से रखी गई 14 मांगों में से 12 मांगें मान ली गईं। मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक (DGP) के इस्तीफे की मांग पर सहमति नहीं बन सकी। SIT ने मांगों पर सरकार के रुख से जुड़ा लिखित पत्र एक्शन कमेटी को सौंप दिया है। एक्शन कमेटी ने इस पत्र पर चर्चा करने के लिए शाम 4 बजे बैठक बुलाई। इसी बैठक में परविंदर सिंह झोटा के शव का पोस्टमॉर्टम कराने और उसे PGI चंडीगढ़ भेजने के बारे में फैसला लिए जाने की संभावना है। पोस्टमॉर्टम और शव को चंडीगढ़ भेजने का फैसला इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिहाज से अहम है। परिवार और एक्शन कमेटी की अंतिम सहमति के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को 5 दिन की CBI रिमांड
मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को मोहाली स्थित CBI अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े सबूतों और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। इससे पहले गुरुवार को CBI की अलग-अलग टीमों ने अश्विनी कुमार और उसके साथी विपिन कुमार के घरों पर करीब आठ घंटे तक तलाशी अभियान चलाया था। जांच टीम ने श्मशान घाट रोड स्थित मानसा मेडिकल हॉल की भी जांच की और आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की। दूसरी ओर, अदालत ने इस हत्याकांड के चारों आरोपियों को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी अब तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों और पूछताछ से सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने अश्विनी कुमार का रजिस्ट्रेशन रद्द किया
हत्याकांड के मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार के खिलाफ पेशेवर स्तर पर भी कार्रवाई हुई है। पंजाब फार्मेसी काउंसिल की कार्यकारी कमेटी ने 20 अक्टूबर को हुई बैठक में उसका फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द करने का फैसला लिया था। इसके बाद 22 अक्टूबर को रजिस्ट्रार ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया। काउंसिल के रिकॉर्ड के मुताबिक, अश्विनी कुमार का रजिस्ट्रेशन नंबर 51464 था, जिसे 10 जुलाई 2020 को जारी किया गया था। रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आदेश 20 अक्टूबर से प्रभावी है। इसके तहत उसका नाम पंजीकृत फार्मासिस्टों के आधिकारिक रजिस्टर से हटा दिया गया है। अब मामले में सबकी नजर एक्शन कमेटी की बैठक और पोस्टमॉर्टम पर होने वाले फैसले पर है। सरकार की ओर से 12 मांगें स्वीकार किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग पर गतिरोध बना हुआ है। CBI की जांच और अदालत की अगली कार्रवाई भी मामले की दिशा तय करने में अहम होगी।

