Parvinder Jhota Case: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के पोस्टमॉर्टम में देरी हो रही है। करीब 24 दिन तक शव फ्रीजर में रखे रहने के कारण उसकी स्थिति की जांच में डॉक्टरों को परेशानी आ रही है। डॉक्टरों की टीम शव की जांच कर रही है। धरने की स्टेज से इंसाफ कमेटी के सदस्य गुरप्रीत सिंह झबर ने बताया कि दोपहर 12 बजे डॉक्टरों की टीम पोस्टमॉर्टम के लिए दोबारा जांच करेगी। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही अंतिम संस्कार का समय तय किया जाएगा।
परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार मानसा में चकेरियां रोड स्थित उनकी पैतृक जमीन पर किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उनका शव करीब 24 दिन तक मानसा के सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा रहा। इसके बाद गुरुवार आधी रात यानी 5 नवंबर को शव मानसा से पीजीआई भेजा गया था। फिलहाल पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है। गुरप्रीत सिंह झबर के मुताबिक, परविंदर की मां भी धरने में मौजूद हैं।
पिता की मांग- SSP का तबादला होने तक नहीं खाएंगे अन्न
परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह ने बेटे के अंतिम संस्कार से पहले मानसा के SSP वैभव चौधरी का तबादला करने की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि इलाके में नशे पर रोक लगाने में नाकामी के कारण ही उनके बेटे की हत्या हुई। उन्होंने साफ कहा कि जब तक SSP का तबादला नहीं होता, वह अन्न का एक दाना भी नहीं खाएंगे। भीम सिंह ने दावा किया कि SSP के तबादले की मांग को लेकर कृषि मंत्री गुरमीत खुड्डियां और पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार संधवां के साथ हुई बैठक में भी बात हो चुकी थी। हालांकि, इस मांग पर सरकार की ओर से क्या फैसला लिया गया है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद से परिवार और समर्थक न्याय की मांग उठा रहे हैं। पिता ने अब अंतिम संस्कार से पहले SSP के तबादले की शर्त रखी है।
पत्नी ने ट्रोलिंग पर जताई नाराजगी
परविंदर झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने सरकारी नौकरी और 2 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग को लेकर परिवार पर की जा रही ट्रोलिंग पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे लोग 12 बोर की बंदूक लेकर मानसा आएं और उनके पूरे परिवार को गोली मार दें। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर परिवार को निशाना बनाए जाने के विरोध में आया है।
परविंदर झोटा के साथी इंद्रजीत सिंह मुंशी ने युवाओं से नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अंतिम यात्रा में शामिल होने वाला पंजाब का हर युवा यह संकल्प लेकर जाए कि वह जीवन में नशे से दूर रहेगा। उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि जहां कहीं नशा बिक रहा है, उसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें। उनके मुताबिक, नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कुछ लोगों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर युवा को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। फिलहाल परिवार और समर्थकों की नजर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पर है। इसके पूरा होने के बाद ही परविंदर झोटा के अंतिम संस्कार का समय तय किया जाएगा।
Click Here👉 PGI में परविंदर झोटा का पोस्टमॉर्टम शुरू, पांच डॉक्टरों की टीम के हाथ जिम्मेदारी; पिता ने शुरू की भूख हड़ताल


